पांच बच्चों को नि:शुल्क सर्जरी के लिए भेजा गया अहमदाबाद

Updated at : 26 May 2024 10:04 PM (IST)
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पांच बच्चों को नि:शुल्क सर्जरी के लिए भेजा गया अहमदाबाद

बाल हृदय योजना अंतर्गत जिले से पांच बच्चों को नि:शुल्क इलाज के लिए रविवार को सत्य साईं अस्पताल अहमदाबाद भेजा गया. सभी बच्चों एवं अभिभावकों को सदर अस्पताल से पटना एयरपोर्ट एंबुलेंस से भेजा गया.

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मधुबनी. बाल हृदय योजना अंतर्गत जिले से पांच बच्चों को नि:शुल्क इलाज के लिए रविवार को सत्य साईं अस्पताल अहमदाबाद भेजा गया. सभी बच्चों एवं अभिभावकों को सदर अस्पताल से पटना एयरपोर्ट एंबुलेंस से भेजा गया. इसके बाद बच्चों को हवाई जहाज से पटना से अहमदाबाद भेजा गया. स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित बाल हृदय योजना जन्मजात दिल में छेद से ग्रसित बच्चों के लिए जीवनदायनी साबित हो रहा है. जिले में इस योजना से दर्जनों बच्चों का सफलतापूर्वक सर्जरी किया गया है. विदित हो कि इस योजना के तहत चिन्हित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को घर से अस्पताल पहुंचाने व इलाज के बाद उन्हें घर पहुंचाने की निःशुल्क व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम द्वारा चयनित बच्चों में लौकही निवासी संजय माली का पुत्र अमन कुमार, बिस्फी निवासी कमलेश कुमार की पुत्री आंचल कुमारी, राजनगर निवासी राज कुमार राय का पुत्र कार्तिक कुमार राय, कलुआही निवासी नागेन्द्र महतो का पुत्र लव कुमार एवं पंडौल निवासी मो. रियाज का पुत्र मो. फरहान शामिल हे. आरबीएसके टीम द्वारा चिन्हित सभी बच्चों को सदर अस्पताल से पटना एंबुलेंस से भेजा गया. इसमें बच्चों के साथ उसके माता पिता भी थे. बच्चों के साथ साथ माता पिता के आने-जाने, खाने-पीने एवं इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी. सभी बच्चों का ऑपरेशन सत्य साईं अस्पताल अहमदाबाद में सरकारी खर्चे पर किया जाएगा. सभी बच्चों का बाल हृदय योजना के तहत हार्ट का निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा. प्रखंड स्तर पर आरबीएसके की टीम करती है स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने कहा कि योजना के तहत हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों की पहचान आरबीएसके की टीम द्वारा की जाती है. इसके बाद जिला स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित अन्य पदाधिकारी द्वारा स्क्रीनिंग की जाती है. इसके बाद बच्चों को इलाज के लिए आईजीआईएमएस, एएआईएमएस, आईसीआईसीआई पटना एवं श्री सत्य साईं अस्स्ताल अहमदाबाद रेफर किया जाता है. स्क्रीनिंग से लेकर इलाज पर आने वाला पूरा खर्च सरकार उठाती है. सीएस ने कहा कि जन्मजात हृदय में छेद बाले बच्चों के माता-पिता को इसकी जानकारी नहीं होती है. उम्र बढ़ने के साथ ही बच्चों को कई तरह की कठिनाई होने लगती है. जिसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की निःशुल्क जांच एवं इलाज की व्यवस्था की गयी है. एंबुलेंस की सुविधा नि:शुल्क आरबीएसके के जिला समन्वयक दीपक कुमार ने कहा कि बाल हृदय योजना के तहत बच्चों को नि:शुल्क एंबुलेंस की सुविधा मुहैया करायी जाती है. बच्चों को घर से अस्पताल या अहमदाबाद जाने के लिए एयरपोर्ट तथा रेलवे स्टेशन या अस्पताल से घर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा मुहैया करायी जाती है. इसका खर्च विभाग द्वारा वहन किया जाता है. आरबीएसके कार्यक्रम मुख्य रूप से बच्चों की बीमारी दूर करने का कार्यक्रम है. इसके तहत 42 तरह के बीमारियों का इलाज किया जा रहा है. आरबीएसके की टीम स्कूल एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों पर जाकर बच्चों की जांच करते हैं. इसमें चिन्हित बच्चों के परिवार से जाकर मिलते हैं. उन्हें सरकारी कार्यक्रम की जानकारी देते हैं. इसके बाद बच्चों का इलाज विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में किया जाता है.

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