Madhubani News : मधुबनी.
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति व सुधार के प्रति उदासीनता पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है. शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों के पदाधिकारियों की जमकर फटकार लगायी. ओवरऑल प्रदर्शन में पंडौल, जयनगर और बाबूबरही प्रखंड सबसे निचले पायदान पर पाए गए.लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई का निर्देश :
डीएम ने पंडौल के बीसीएम द स्वास्थ्य प्रशिक्षक के विरुद्ध जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले माह तक स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों पर भी गाज गिरेगी. इसके साथ ही जिले के सभी प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली तीन आशा कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें.अस्पतालों को मिला सिजेरियन डिलीवरी का टारगेट संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डीएम ने अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास, जयनगर और झंझारपुर को हर माह कम से कम 10 सिजेरियन ऑपरेशन करने का लक्ष्य दिया है. उन्होंने सिविल सर्जन को आदेश दिया कि जिन अनुमंडलीय अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है, वहां सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ इसे शुरू कराया जाए.निरीक्षण व आयुष्मान कार्ड पर जोर :
स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अब सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सप्ताह में दो दिन सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी क्लिनिक द नर्सिंग होम का निरीक्षण करना होगा. इसके अलावा 16 से 31 जनवरी तक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसरों में सक्रिय दलालों पर कड़ी नजर रखने द पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज करने का भी सख्त निर्देश दिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

