मधुबनी: अवैध नर्सिंग होम पर सिविल सर्जन की बड़ी कार्रवाई, तीन पर दो-दो लाख का जुर्माना

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सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार.

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार.

मधुबनी में स्वास्थ्य विभाग ने बिना निबंधन और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब और क्लीनिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. कई संचालकों पर भारी जुर्माना लगाया गया है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा.

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Madhubani News: जिले में बिना निबंधन और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने तीन संचालकों पर दो-दो लाख रुपये तथा चार संचालकों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है. साथ ही संबंधित संचालकों को क्लीनिक बंद कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने और बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जुर्माने की राशि जिला निबंधन प्राधिकार के नाम जमा करने का निर्देश दिया है.

दूसरी बार उल्लंघन पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना

सिविल सर्जन ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार केंद्र, लौकही, ठाकुर डेंटल क्लीनिक, बेनीपट्टी तथा बेनीपट्टी-उच्चैठ रोड पर बिना बोर्ड संचालित एक नर्सिंग होम पर पहले 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था. साथ ही संस्थानों को बंद कर जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया गया था.

लेकिन संबंधित संचालकों द्वारा न तो जुर्माना जमा किया गया और न ही क्लीनिक बंद किए गए. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बेनीपट्टी और लौकही की रिपोर्ट के आधार पर तीनों संचालकों को दूसरी बार नियम उल्लंघन का दोषी मानते हुए दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया.

चार निजी अस्पतालों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड

स्वास्थ्य विभाग ने भगवती नर्सिंग होम, लौकही, लाइफ केयर हॉस्पिटल (थाना रोड, लौकही), मिथिला नर्सिंग होम, लदनियां तथा न्यू सलोनी हॉस्पिटल, लदनियां पर बिना निबंधन एवं मानक के अनुरूप संचालन पाए जाने पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है.

210 से अधिक संस्थानों पर हो चुकी है कार्रवाई

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में अब तक 210 से अधिक निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर कार्रवाई की जा चुकी है. इससे विभाग को एक करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है.

उन्होंने कहा कि क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत सभी प्रकार के क्लीनिक, अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब और अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों का निबंधन अनिवार्य है. बिना निबंधन और मानकों के संचालन पर पहली बार 10 हजार रुपये, दूसरी बार 25 हजार रुपये तथा लगातार उल्लंघन की स्थिति में संस्थान को सील करने का भी प्रावधान है.

बिना निबंधन वाले संस्थानों पर जारी रहेगी कार्रवाई

सिविल सर्जन ने कहा कि बिहार नैदानिक अधिनियम के तहत अस्पताल, नर्सिंग होम, प्रसूति गृह, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, रेडियोलॉजी केंद्र तथा एकल चिकित्सक (सिंगल रूम क्लीनिक) का भी निबंधन आवश्यक है. जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक बिना निबंधन अथवा मानक के विपरीत संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.


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Anil Kunar Jha

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