नाकेबंदी जारी, अब महिला भी आंदोलन में हुई शामिल

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जयनगर : नेपाल में बने नवनिर्मित संविधान में मधेशियों के प्रति भेदभाव से आहत मधेशियों का गुस्सा अब और अधिक फूटता जा रहा है. संयुक्त मधेशी लोकतांत्रिक मोर्चा के बैनर तले आर्थिक नाकेबंदी के छठे दिन मधेशियों ने भारत नेपाल सीमा की आर्थिक नाकेबंदी जारी रखी. अब इस आंदोलन में महिलाओं ने भी अपनी पूरी […]

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जयनगर : नेपाल में बने नवनिर्मित संविधान में मधेशियों के प्रति भेदभाव से आहत मधेशियों का गुस्सा अब और अधिक फूटता जा रहा है.

संयुक्त मधेशी लोकतांत्रिक मोर्चा के बैनर तले आर्थिक नाकेबंदी के छठे दिन मधेशियों ने भारत नेपाल सीमा की आर्थिक नाकेबंदी जारी रखी. अब इस आंदोलन में महिलाओं ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

नेपाल भारत सीमा पर संघीय समाजवादी फोरम के केंद्रीय सदस्य मनोरंजन गोइत के नेतृत्व में बुधवार को छठे दिन भी मधेशी आंदोलनकारी धरने पर डटे रहे.
धरने पर बैठे आंदोलनकारियों में ऊर्जा का संचार करने और आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय मधेश समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष लालबाबू यादव और नेपाल सद्भावना पार्टी के सिरहा जिला अध्यक्ष सर्वनारायण झा ने भी मारड़ में चल रहे धरना कार्यक्रम में भाग लेकर आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ाया. वहीं, संघीय समाजवादी महिला फोरम की केंद्रीय सदस्य निर्मला यादव ने बताया कि एक ओर जहां संविधान निर्माण को लेकर नेपाल की आधी आबादी दिवाली मना रही है वहीं, देश की मधेशी आबादी संविधान का होलिका दहन कर होली मना रही हैं.
उन्होंने बताया कि नेपाल विश्व का पहला लोकतंत्र है जहां की 70 फीसदी से अधिक जनसंख्या नवनिर्मित संविधान के भेदभावपूर्ण प्रावधानों के कारण अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार में बने कुछ दलों के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा मधेशियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने एवं अपने ही देश में मधेशियों को दोयम दर्जे का नागरिक बनने को विवश करने करने का साजिश रच रहे हैं. संघीय समाजवादी फोरम के केंद्रीय सदस्य मो. खालिद सिद्दीकी ने माओवादी नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड के उस बयान की तीव्र निंदा की हेै जिसमें उन्होंने भारत सरकार पर नेपाल में मधेशियों के आर्थिक नाकेबंदी को भारत प्रायोजित बताया है.
उन्होंने बताया कि भारत और नेपाल के बीच बेटी और रोटी के सदियों पुरानी संबंध को नेपाल सरकार एक झटके में तोड़ना चाहती है।नेपाल के कुछ मंत्रियों के द्वारा भारत भ्रमण को देश की जनता को भ्रमित करने वाला बताते हुए उन्होंने कहा कि अब मधेश की जनता उनके किसा चाल में फंसने वाली नहीं है. नेताओं ने दृढ़ संकल्पित स्वर में घोषणा किया कि जब तक उनकी मांगों को संविधान में समाहित नहीं किया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
संघीय समाजवादी फोरम के केंद्रीय सदस्य मनोरंजन गोइत ने जयनगर चैंबर ऑफ कॉमर्स के द्वारा दिये गये नेपाल के मधेशियों को उनके आंदोलन में नैतिक समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है.
जय मधेश के लगा रहे
हैं नारे
सुरसंड. प्रखंड अंतर्गत भिट्ठा सीमा पर संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोरचा व संघीय मधेशी मोरचा के संयुक्त तत्वावधान में नौवें दिन भी धरना व प्रदर्शन किया गया. टेंट व बांस लगा कर बॉर्डर की नाकेबंदी कर दी गयी है. वहां पर लगातार जय मधेश के नारे लगाये जा रहे हैं.
नेपाल सद्भावना पार्टी के केंद्रीय सदस्य रमन पांडेय ने बताया कि नाकेबंदी से पहाड़ी क्षेत्र व काठमांडू में हाहाकार मचा हुआ है. मधेशी को भी परेशानी हो रही है. 52 फीसदी मधेशी व 30 फीसदी पहाड़ी के विरुद्ध सरकार को एक पक्षीय निर्णय कष्ट दायक है. बताया कि झापा, मोरंग, सुनसरी, कैलाली व कंचनपुर को छीनने की साजिश की जा रही है.
प्रतिनिधित्व जनसंख्या के
आधार पर नहीं, बल्कि क्षेत्रफल के आधार पर किया जा रहा है. हिंदी को नेपाली भाषा के समान दर्जा नहीं दिया जा रहा है.
यही कारण है कि नेपाल में 47 दिन से लगातार आंदोलन जारी है.
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