सिर्फ योजनाएं ही बनीं, नतीजा सिफर

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समस्या. साल दर साल कचरे से भरते जा रहे शहर के तीनों मुख्य कैनाल मधुबनी : शहर में जल जमाव एक प्रमुख समस्या रहा है. बरसात के मौसम आते ही शहर वासियों के लिए यह मुसीबत बन जाता है. आम नागरिक नगर परिषद की ओर आशा भरी नजरों से देखने लगते हैं.पर नतीजा सिफर ही […]

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समस्या. साल दर साल कचरे से भरते जा रहे शहर के तीनों मुख्य कैनाल
मधुबनी : शहर में जल जमाव एक प्रमुख समस्या रहा है. बरसात के मौसम आते ही शहर वासियों के लिए यह मुसीबत बन जाता है. आम नागरिक नगर परिषद की ओर आशा भरी नजरों से देखने लगते हैं.पर नतीजा सिफर ही रहता है.
साल दर साल बीतने पर भी बरसात के मौसम में फिर वही परेशानी झेलने की मजबूरी होती है. दरअसल, शहर में जल निकासी के लिए बने वाटसन, किंस व राज कैनाल गाद से पटे हैं. जल-जमाव इसलिए है क्योंकि कैनाल गाद से लबालब हैं. जल-जमाव से निजात के लिए कैनालों की उड़ाही और पक्कीकरण का करना जरूरी है. पर बरसात में सिर्फ सफाई के नाम पर खानापूर्ति ही होती रही है. इसके लिए सिर्फ नगर परिषद प्रशासन को दोष नहीं ठहरा सकते.
सरकारी दिशा निर्देश पर प्रत्येक साल इसकी सफाई ऊपरी स्तर से ही की जाती है. इसके कारण प्रत्येक साल लाखों रुपये जल निकासी में खर्च होता है. हालांकि केंद्र सरकार की योजना से 99 करोड़ की लागत से इसके पक्कीकरण की बात उठी थी, लेकिन यह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.
वाटसन कैनाल
शहर के पूरब से पश्चिम की ओर बहने वाली वाटसन कैनाल की लंबाई 8 हजार 30 फीट है.पहले यह 30 से 40 फीट तक चौड़ी थी. गुमती नंबर 12 से थाना चौक से स्टेडियम रोड से भच्छी पुल निकल कर जीवछ नदी में मिलती है. शहर की 25 प्रतिशत आबादी यहां रहती है. शहर के स्टेशन मुहल्ले, लाल- निकुंज, अयाची नगर आदि का पानी इस कैनाल से निकलता है. पहले जहां इसकी गहराई जमीन से 11 फीट नीचे थी अब यह 2 फीट तक सिमट कर रह गयी है. वहीं अतिक्रमण के कारण इसकी चौड़ाई भी सिमट गयी है. शहर का कचड़ा फेंके जाने से पानी का बहाव रूका हुआ है.
किंस कैनाल
शहर के उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली किंस केनाल की लंबाई दस हजार चार सौ फीट है. इसकी चौड़ाई 26 से 40 फीट थी. लगभग 11 फीट गहरी इस कैनाल की स्थिति यह है कि गाद से भरे होने के कारण अब कैनाल का पानी सड़कों से होकर गुजरता है. वहीं सबसे अधिक अतिक्रमण भी इसी केनाल का हुआ है.
जिससे वर्तमान में 5 से 10 फीट यह चौड़ी रह गयी है. यह संतू नगर से लोहरसारी चौक से गंगानंद गैस काउंटर से मेनन गर्ल स्कूल से एडीबी शाखा से गांधी चौक होते हुए स्टेडियम के समीप वाटसन कैनाल में मिलती है. शहर की करीब आधे से अधिक आबादी के लिए जल निकासी का एक मात्र साधन है.
राज कैनाल
शहर के मध्य बस स्टैंड से पूरब की ओर निकलती हुई दक्षिण दिशा की ओर गुमती नंबर 12 से निकलती है. प्राइवेट बस स्टैंड से गंगासागर तालाब की उत्तरी भिंडा होते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ कार्यालय से माल गोदाम के समीप से गुजरते हुए स्टेशन के समीप 12 नंबर गुमती के समीप रेलवे केनाल में मिलती है. इसकी लंबाई 1659 फिट है और चौड़ाई 21 से 30 फीट है.
स्टेशन के समीप गांधी स्मारक के नीचे ड्रेनेज ध्वस्त हो जाने से पानी का बहाव अवरुद्ध है. शहर की लगभग 20 प्रतिशत आबादी के लिए जल निकासी का एक मात्र साधन है. बस स्टैंड मोहल्ला, स्टेशन मोहल्ला, विनोदानंद झा कॉलोनी सहित अन्य मोहल्लों का पानी इससे निकलती है. यह कैनाल भी अतिक्रमण का शिकार है.
विभिन्न प्वाइंट पर कब्जा
शहर के गुजरने वाली तीनों कैनालों के विभिन्न प्वाइंट पर अवैध कब्जा लोगों ने कर लिया है. इसे राजनीतिक साजिश कहे या लोगों की नियति मसला वहीं का वहीं खड़ा है. इस समस्या को दूर करना नगर परिषद व जिला प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है. शहर से गुजरने वाली 20 हजार कीट लंबी इस तीनों केनालों की चौड़ाई सिमटती जा रहती है.
सरकारी संपत्ति समझ लोगों ने इसका अवैध कब्जा कर लिया है. इन कैनाल को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कई बार नप प्रशासन व जिला प्रशासन ने रणनीति बनायी है.पर अब तक इसे एक भी जगह अतिक्रमण खाली कराने में प्रशासन विफल रही है.
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