मधुबनी : अररिया में अपराधियों से मुठभेड़ में मारे गये भरगामा के थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार के शव का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया. दाह संस्कार के बाद शहीद के पिता दयानंद सिंह घटना को लेकर काफी आक्रोशित थे.
उन्होंने अररिया के बेलसार गांव में अपराधियों से हुई मुठभेड़ पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि कहीं उनका होनहार बेटा किसी साजिश का शिकार तो नहीं हुआ है. बिलखते हुए उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. उनका कहना था कि बेलसार गांव रानीगंज थाना क्षेत्र में है.
उन्होंने रानीगंज थानाध्यक्ष राजीव कुमार यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्होंने एसपी से दूसरे थानाध्यक्ष को बुलाकर कॉम्बिंग ऑपरेशन करने की अनुमति ली थी? अगर वह कॉबिंग ऑपरेशन था, जिसमें 10-12 अपराधियों को पकड़ने की बात कही गयी थी, तब इस ऑपरेशन के लिए सिर्फ तीन सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी ही क्यों शामिल हुए? श्री सिंह ने सवाल किया है कि मेरे बेटे से सीनियर अधिकारी रानीगंज के थानाध्यक्ष थे और इसी थाना क्षेत्र के अंर्तगत घटना हुई, जब बेटे को अपराधियों ने गोली मारी, तब वे कहां थे? श्री सिंह ने इसकी मानवाधिकार आयोग से भी जांच कराने की मांग की है.
जांबाज था मेरा बेटा. उन्होंने कहा कि उनका बेटा जाबांज था. वह पूर्णिया जिले में टीकापट्टी, बरहार कोठी व रघुवंश नगर में पदस्थापित थे. इस दौरान पूर्णिया के शातिर अपराधी अवधेश मंडल को कॉम्बिंग ऑपरेशन में तीन बार पकड़ा था. वहीं अररिया में गार्ड ऑफ ऑनर नहीं मिलने पर भी पिता काफी आहत दिखे.
दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर. मुठभेड़ में मारे गये भरगामा के थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार का शव बुधवार सुबह करीब पांच बजे मधुबनी पहुंचा. शव को पुलिस लाइन में रखा गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद पुलिस स्कॉर्ट के साथ शव को नगर के भौआड़ा के संगत मोहल्ला स्थित आवास पर लाया गया. शव पहुंचते ही पहले से जमी सैकड़ों की भीड़ चीत्कार उठी.
इसके बाद शव का रहिका स्थित जीवछ नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया. शहीद थानाध्यक्ष को उनके बड़े पुत्र छह वर्षीय कनिष्क ने मुखागिA दी. इस दौरान पुलिस कर्मियों समेत सैकड़ो लोग संस्कार में हिस्सा लिया. जिला प्रशासन की ओर से एसडीओ शाहिद परवेज, डीएसपी कुमार इंद्र प्रकाश व नगर थानाध्यक्ष युगेश चंद्रा मौजूद थे.
