योजनाओं को सरकार ने ठंडे बस्ते में डाला : नीतीश

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झंझारपुर : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा लोक संवेदना अभियान और हमारा गांव हमारी योजना को नीतीश सरकार ने ठंढे बस्ते में डाल दिया गया है. समाज के निचले स्तर के जनप्रतिनिधि, वार्ड सदस्य उपेक्षित हो रहे है. उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है. साथ ही लोक संवेदना के तहत बनाये गये […]

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झंझारपुर : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा लोक संवेदना अभियान और हमारा गांव हमारी योजना को नीतीश सरकार ने ठंढे बस्ते में डाल दिया गया है. समाज के निचले स्तर के जनप्रतिनिधि, वार्ड सदस्य उपेक्षित हो रहे है. उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है.
साथ ही लोक संवेदना के तहत बनाये गये कानून को भी लागू नहीं किया जा सका है. जिससे प्रखंड हो या जिला सभी जगह लोगों को ना ही अधिकारी उचित सम्मान दे रहे हैं और ना ही फरियादियों के लिए कोई मूलभूत सुविधा मिल पा रही है. ये बातें पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री सह स्थानीय विधायक एवं हम के प्रवक्ता नीतीश मिश्र ने झंझारपुर अपने आवास पर प्रेस को संबोधित करते हुए कही.
उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार द्वारा पंचायत को सशक्त बनाने का वादा साबित किया रहा है.
जबकि वो दस साल से वादा ही करते नजर आ रहे हैं. जिस काम दस साल में पूरा नहीं किया जा सका उसके लिए और समय की मांग करना हास्यास्पद लगता है. उन्होंने मधुबनी जिला के जनप्रतिनिधियों से अपील की कि जागों और स्वाभिमान के लिए लड़ाई लड़ो, तभी जन प्रतिनिधि का कल्याण संभव हो सकेगा. एनडीए के घटक दल में हम शामिल होने से और एनडीए सशक्त हुई है. यह चुनाव विधान सभा चुनाव का सेमिफानल है. एनडीए के प्रत्याशी सुमन महासेठ की जीत सुनिश्चित है.
उन्होंने बताया कि मांझी की सरकार द्वारा कुल 34 योजनाओं का अमलीजामा दिया जाना था. जिनमें प्रत्येक राजस्व गांव में स्वच्छता कर्मी की बहाली, ग्राम कचहरी के न्यायमित्र एवं कचहरी सचिव के मानदेय में बढ़ोतरी, ग्राम पंचायत में प्रशासनिक व्यय के लिए 4 हजार रुपये की स्वीकृति एवं पंचायत प्रतिनिधि की असामयिक मृत्यु पर अनुदान देने की स्वीकृत शामिल है. उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में मेरे द्वारा अमलीजामा पहनाये गये कार्यों को कुछ लोग उपर से टपक कर अपना नाम कमाने की होड़ लगा रहे हैं.
जनता के बीच लगातार रहा हूं और लगातार रहूंगा. जनता सब जान रही है. प्रेस वार्ता में हम के प्रदेश उपाध्यक्ष सहदेव साह में कहा कि बिहार सरकार के सासन में अभी जनता भय, खौफ, कमिशनखोर के चंगुल में फंसी हुई है. मौके पर कमलेश झा, कृष्ण कुमार झा उर्फ अमर जी, जवाहर झा, वैद्यनाथ भंडारी, रंजीत कुमार झा, अशोक कुमार झा उर्फ मुन्ना दिवाना, बद्री नाथ मिश्र उर्फ बाबा, लक्ष्मण चौधरी, किशुन लाल राउत, अशोक साह आदि मौजूद थे.
कोसी कमला नदी के जलस्तर के बढ़ने घटने का सिलसिला जारी
मधेपुर : नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश से कोसी एवं कमला नदी के जल स्तर में बढ़ने घटने का सिलसिला जारी है. कोसी नदी के जल स्तर में जहां तीन दिनों से धीरे-धीरे पानी का बढ़ना जारी है. हालांकि कमला नदी के जल स्तर में थोड़ी कमी आयी है.
कोसी नदी का पानी गढ़गांव, बक्सा, मेनाही, परयाही सहित लगभग एक दर्जन गांव के बघारों में फैल गया है. नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से कोसीवासियों में दहशत कायम होने लगा है. आवागमन की सुविधा के लिए एक मात्र नाव ही लोगों का सहारा बन गया है.
हालांकि बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है. इधर कमला नदी के पूर्वी तटबंध पर खैरी गांव के समीप स्लुइस गेट से पानी निकलने से लगभग दो दर्जन महादलित परिवारों के घर के चारों ओर पानी फैल गया है. घर के चारों ओर पानी फैल जाने से इन महादलित परिवारों में भी दहशत व्याप्त होने लगा है. नदी के जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए अंचल प्रशासन सतर्कता बरत रही है.
अंचलाधिकारी राजीव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है. बावजूद संभावित बाढ़ को लेकर वह पूर्णरुपेण सतर्क हैं. उन्होंने बताया कि सभी घाट के नाविकों को सतर्क कर दिया गया है. नाव पर क्षमता के अनुसार ही सवारी करने का निर्देश दिया गया है.
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