स्कूल बंद तो कहां रखें चावल
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
मधुबनी : मध्याह्न् भोजन कार्यालय में एमडीएम के साधनसेवियों की बैठक आयोजित की गई. इस अवसर पर डीपीओ शैलेंद्र कुमार ने कहा तीन महीनों के मध्याह्न् भोजन योजना का चावल का उठाव शुरू कर दिया गया है. 20 मई 2015 के बाद उठाव शुरू किया गया है. तीन माह के लिये 40 हजार 653 क्विंटल […]
विज्ञापन
मधुबनी : मध्याह्न् भोजन कार्यालय में एमडीएम के साधनसेवियों की बैठक आयोजित की गई. इस अवसर पर डीपीओ शैलेंद्र कुमार ने कहा तीन महीनों के मध्याह्न् भोजन योजना का चावल का उठाव शुरू कर दिया गया है. 20 मई 2015 के बाद उठाव शुरू किया गया है.
तीन माह के लिये 40 हजार 653 क्विंटल चावल का आवंटन किया गया है. लगभग आठ हजार क्विंटल से अधिक चावल का उठाव कर लिया गया है.
अब समस्या यह है कि जिले के सभी प्राइमरी व मिडिल स्कूल गरमी छुटटी के लिये बंद है. ऐसे में संवेदक मध्याह्न् भोजन के चावल को कहां रखें. बैठक में साधनसेवियों ने बताया कि कहीं पैक्स के गोदाम में तो कहीं उपलब्ध कमरों में चावल को रखा गया है. डीपीओ ने बताया कि शीघ्र इस समस्या को दूर करने का निर्देश जारी किया जायेगा. फिलहाल साधनसेवी अपनी सुविधा के अनुसार चावल को रख रहे हैं.
नहीं घटाया गया आवंटन
हड़ताल के कारण नामांकन में कमी होने की आशंका के बाद भी मध्याह्न् भोजन के चावल के आवंटन को नहीं घटाया गया है. अनुमान है कि हड़ताल के कारण लगभग 30 प्रतिशत नामांकन घटने की आशंका है. इसका प्रमुख कारण छात्रों का निजी विद्यालयों के प्रति बढ़ता रुझान है.
सर्वेक्षण में पाया गया है कि 98 प्रतिशत सरकारी शिक्षक शिक्षिकाओं के बच्चे बच्चियां निजी स्कूल में पढते हैं. हालांकि डीइओ श्यामानंद चौधरी ने एपीओ सर्वशिक्षा अभियान हुलास राम को आदेश दिया है कि वे जिले के सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में वैसे बच्चे बच्ची का नाम हटा देने के संबंध में पत्र निर्गत करने का आदेश दिया है जिसका दोहरा नामांकन है.
जिस बच्चे का नाम निजी स्कूल में है उसका नाम सरकारी विद्यालयों से हटा दिया जायेगा. पूर्व डीइओ श्रीराम सिंह के आदेश पर लगभग एक लाख दोहरे नामांकन वाले छात्र छात्राओं का नाम सरकारी स्कूलों से हटाया गया था.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की मांग
जिले के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने जिले में मध्याह्न् भोजन योजना के चावल का लाभ सिर्फ छात्र छात्राओं को मिले इसे सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि जिले में मध्याह्न् भोजन योजना के चावल की कालाबाजारी नहीं हो, इसे रोकने के लिये निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराने के लिये राज्य से टीम भेजी जाय.
क्या कहते हैं अधिकारी
डीपीओ मध्याह्न् भोजन शैलेंद्र कुमार ने कहा कि जो भी साधनसेवी या संवेदक एमडीएम के चावल की हेराफेरी में लिप्त पाये गये तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में मध्याह्न् भोजन कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










