ग्रामीणों ने फिर रोका पुल निर्माण

Published at :04 Apr 2015 11:00 AM (IST)
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ग्रामीणों ने फिर रोका पुल निर्माण

बेनीपट्टी : प्रखंड के अतरौली से बलहा बरहुलिया पथ में मुख्यमंत्री सेतु योजनांतर्गत चल रहे घटिया पुल निर्माण को ग्रामीणों ने शुक्रवार को रोक दिया. हालांकि एक सप्ताह पूर्व भी पुल निर्माण पर ग्रामीणों ने रोक लगा दी थी और ग्रामीण विकास विभाग के बेनीपट्टी प्रमंडल कार्यपालक के अभियंता युगेश्वर पांडेय को घटिया निर्माण की […]

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बेनीपट्टी : प्रखंड के अतरौली से बलहा बरहुलिया पथ में मुख्यमंत्री सेतु योजनांतर्गत चल रहे घटिया पुल निर्माण को ग्रामीणों ने शुक्रवार को रोक दिया. हालांकि एक सप्ताह पूर्व भी पुल निर्माण पर ग्रामीणों ने रोक लगा दी थी और ग्रामीण विकास विभाग के बेनीपट्टी प्रमंडल कार्यपालक के अभियंता युगेश्वर पांडेय को घटिया निर्माण की सूचना दी थी. इसके आलोक में कार्यपालक अभियंता श्री पांडेय के निर्देश पर विभागीय एसडीओ एवं जेइ ने पुल निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था.

उन्होंने घटिया निर्माण होने पर आपत्ति जताते हुए संबंधित संवेदक को पुल निर्माण से संबंधित जितना कार्य हुआ था उसको तोड़कर फिर से मानक के अनुसार निर्माण करने का निर्देश दिया था. बावजूद इसके संवेदक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और पूर्व की तरह ही निर्माण जारी था. इसको देखते हुए ग्रामीणों ने पुन: शुक्रवार को पुल निर्माण रोकने का निर्णय सर्वसम्मति से लेकर काम रोक दिया और दोबारा कार्यपालक अभियंता एवं अनुमंडल पदाधिकारी राजेश मीणा को इसकी सूचना दी.

एकजुट हुए ग्रामीण

अतरौली के ग्रामीण व पंच सरपंच संघ के प्रदेश महासचिव पुष्पेंद्र ठाकुर एवं लोजपा के जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार झा के नेतृत्व में घटिया पुल निर्माण कार्य पर रोक लगाने वाले ललन ठाकुर, बौएलाल पासवान, प्रभाकर ठाकुर, धीरेंद्र मिश्र, विजय ठाकुर, बेचन पासवान, रामशोभित पासवान, रंजीत साह, मिथिलेश झा, बच्चन झा, गिरीश पासवान, कृपानंद झा, शिवा पासवान आदि ने बताया कि इस पुल निर्माण कार्य में तीन नंबर का ईंट और कमला बलान नदी का लोकल बालू का प्रयोग किया जा रहा है. इसको ग्रामीण कतई बरदाश्त नहीं करेंगे. चूंकि संवेदक तो जैसे-तैसे घटिया पुल का निर्माण कर चले जायेंगे और इसकी सजा दर्जनों गांवों के हम ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा. संबंधित संवेदक और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने एक स्वर से कहा कि जितना निर्माण हुआ है उसको तोड़कर नये सिरे से प्राक्कलन के अनुरूप पुल बनाया जाये. अन्यथा धांधली हमलोग नहीं चलने देंगे. ज्ञात हो कि पुल निर्माण से संबंधित प्राक्कलन बोर्ड भी कार्यस्थल पर नहीं लगाया गया है. ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 लाख रुपये से इस पुल का निर्माण किया जाना है. ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2007 में आयी प्रलयंकारी बाढ़ में पुल ध्वस्त हो गया था. एक तो नौ साल बाद पुन: पुल बनना चालू हुआ. उसमें भी घोर धांधली बरदाश्त से बाहर की बात है.

क्या कहते हैं अधिकारी

आरइओ के कार्यपालक अभियंता वाई पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों ने घटिया निर्माण होने की सूचना पर विभागीय एसडीओ व जेइ को कार्य स्थल पर भेजकर जांचोपरांत पुल निर्माण से संबंधित किये गये कार्य को तोड़कर पुन: निर्माण कार्य करने का निर्देश संबंधित संवेदक को दिया गया था. संवेदक ने विभाग के इस निर्देश की अवहेलना कर घटिया निर्माण जारी रखा जो खेद जनक है. उन्होंने बताया कि जितना घटिया निर्माण हुआ है उसको तोड़कर संवेदक नये सिरे से पुल का निर्माण कार्य चालू करें. अन्यथा विभागीय कार्रवाई के साथ पुल निर्माण का भुगतान रोक दिया जायेगा.

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