एक माह से भर्ती प्रसूता को नहीं मिल रहा पथ्य आहार

Published at :27 Apr 2019 1:21 AM (IST)
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एक माह से भर्ती प्रसूता को नहीं मिल रहा पथ्य आहार

मधुबनी : पथ्य एजेंसी द्वारा प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती प्रसूता को पथ्य आपूर्ति उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. जानकारी के अनुसार करीब एक माह से सदर अस्पताल के प्रसूता वार्ड में प्रसूता को पथ्य आहार की आपूर्ति नहीं करायी जा रही है. इसे नव पदस्थापित सीएस ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने […]

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मधुबनी : पथ्य एजेंसी द्वारा प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती प्रसूता को पथ्य आपूर्ति उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. जानकारी के अनुसार करीब एक माह से सदर अस्पताल के प्रसूता वार्ड में प्रसूता को पथ्य आहार की आपूर्ति नहीं करायी जा रही है. इसे नव पदस्थापित सीएस ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने पथ्य एजेंसी का 26 अप्रैल के भुगतान पर रोक लगाते हुए प्रबंधक से जवाब मांगा है. साथ ही विभिन्न वार्ड के निरीक्षण क्रम में अनुपस्थित कर्मियों का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण का निर्देश अधीक्षक को दिया.

निरीक्षण में सामने आयी खामियां
सिविल सर्जन डा. मिथिलेश झा ने शुक्रवार को प्रसव कक्ष, जिला दवा भंडार, इमरजेंसी व महिला वार्ड का निरीक्षण किया. प्रसव कक्ष के निरीक्षण क्रम में सीएस ने प्रसूता कक्ष में भर्ती मरीजों से अस्पताल द्वारा मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली. कई मरीजों द्वारा बताया गया कि पथ्य एजेंसी द्वारा प्रसुता को पथ्य नहीं दिया जा रहा है. जिसकी पुष्टि प्रसव कक्ष में कार्यरत एग्रेड स्टाफ नर्स द्वारा भी की गई. ए ग्रेड ने बताया कि गत 1 माह से एजेंसी द्वारा पथ्य आहार की आपूर्ति नहीं की जा रही है. सीएस ने इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक को पथ्य एजेंसी का एक दिन की राशि काटते हुए स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया.
एक दिन में प्रसूता को मिल जाता है छुट्टी . इसके साथ ही प्रसव कक्ष में लॉगबुक में संधारण करने का भी आदेश दिया. अस्पताल में पथ्य आहार की आपूर्ति ज्ञान भारती एजेंसी द्वारा वर्ष 2016 से किया जा रहा है. अस्पताल के इंडोर भर्ती मरीजों के पथ्य आहार का भुगतान सदर अस्पताल से किया जाता है. जबकि प्रसव कक्ष की प्रसूता को दिये जाने वाले पथ्य आहार का भुगतान जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा किया जाता है. प्रसव के बाद प्रसूता को 12 घंटे के अंदर ही छुट्टी दे दी जाती है. जैसे सुबह में प्रसव होने वाली प्रसूता को शाम में तथा रात में होने वाले प्रसव के बाद सुबह में छुट्टी दे दी जाती है. लेकिन अस्पताल प्रबंधन की मिली भगत से दो दिनों का पथ्य आहार 148 रुपये) का भुगतान एजेंसी को किया जाता है. जिसमें भारी पैमाने पर राशि की निकासी हो रही है. प्रसव कक्ष में प्रतिदिन 15-20 प्रसव होता है.
दवा नहीं है तो करें मांग . जिला दवा भंडार के निरीक्षण क्रम में ओपीडी व आइपीडी में उपलब्ध दवा की जानकारी भंडार पाल से ली. भंडार पाल द्वारा सीएस को जानकारी दिया गया कि आइपीडी में 96 के विरूद्ध 38 प्रकार का ही दवा उपलब्ध है.
सीएस ने भंडारपाल को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी से दवा की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया. जिससे की ससमय बीएमएसआइसीएल को दवा की आपूर्ति के लिए इंडेंट किया जा सके. सीएस ने भंडार पाल को निर्देश दिया कि जो दवा बीएमएसआइसीएल द्वारा उपलब्ध नहीं करायी जा रही हो उसी दवा की खरीदारी की जाय. मौके पर ब्लड बैंक प्रभारी डा. विनोद कुमार झा, डा. कुणाल कौशल, डा. एसके झा भी उपस्थित रहे.
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