सरकारी बिल्डिंगों पर नगर परिषद् का 40 लाख बकाया

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मधुबनी : शहर का सरकारी महकमा होल्डिंग टैक्स जमा करने में उदासीन बना हुआ है. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा नगर परिषद को आदेश दिया गया था कि सरकारी विभाग पर बकाया होल्डिंग राशि की वसूल की जाय. जिसके आधार पर नगर परिषद ने विभिन्न सरकारी विभाग को मांग पत्र भेज कर वित्तीय वर्ष […]

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मधुबनी : शहर का सरकारी महकमा होल्डिंग टैक्स जमा करने में उदासीन बना हुआ है. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा नगर परिषद को आदेश दिया गया था कि सरकारी विभाग पर बकाया होल्डिंग राशि की वसूल की जाय. जिसके आधार पर नगर परिषद ने विभिन्न सरकारी विभाग को मांग पत्र भेज कर वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक बकाया होल्डिंग राशि के भुगतान की मांग की थी.

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पर वित्तीय वर्ष की समाप्ति हो गयी है. सरकारी विभाग उदासीन रही. वित्तीय वर्ष 2018-19 की मांग 8 लाख 20 हजार एक 10 रुपया थी. जबकि पिछला बकाया 32 लाख 7 हजार तीन सौ 81 है.
यानी कुल बकाया करीब 40 लाख हो गया है. इस तरह नगर परिषद सरकारी महकमा से 1 लाख 91 हजार 5 सौ 74 रुपये ही वसूल कर सकी. यानी कुल 2 प्रतिशत राशि की वसूल की गयी. 98 फीसदी राशि अब भी सरकारी महकमा पर बकाया है. निजी होल्डिंग धारकों से 64 फीसदी की वसूली हुई है. ऐसे में नगर परिषद एक बार फिर राजस्व की वसूल नहीं कर सकी.
सरकारी विभाग उदासीन. होल्डिंग टैक्स जमा करने में सरकारी विभाग उदासीन बना हुआ है. जबकि निजी होल्डिंग का 64 फीसदी की वसूल हुई है. सरकारी विभाग होल्डिंग टैक्स 31 लाख 78 हजार पिछला बकाया है. नप कार्यालय के मुताबिक सरकारी विभाग के 108 होल्डिंग है. जिन्हें होल्डिंग टैक्स प्रतिवर्ष जमा करना होता है.
एक वित्तीय वर्ष में 8 लाख 20 हजार रुपये की वसूली करना है. वित्तीय वर्ष 2017-18 में कुल बकाया 37 लाख 73 हजार रुपया था. वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल मांग 8 लाख 20 हजार रुपया था. इस वित्तीय वर्ष में कुल मांग 33 लाख 70 हजार था. जबकि वसूली 1 लाख 91 हजार ही हुई. अब भी सरकारी विभाग पर 31 लाख 78 हजार पिछला बकाया है. नये वित्तीय वर्ष को इसमें जोड़ दिया जाय तो करीब 40 लाख बकाया है.
वसूली कम हुई
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी ने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग के दिशा निर्देश पर विभागों को मांग पत्र दिया गया था. वसूली बहुत ही कम रही. जिसकी रिपोर्ट नगर विकास को भेजी जा रही है. वहां से क्या दिशा निर्देश मिलता है. उसके मुताबिक काम किया जायेगा.
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