ठंड से हाल बेहाल आम जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त

Published at :12 Jan 2018 4:47 AM (IST)
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ठंड से हाल बेहाल आम जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त

मधुबनी : बीते दस दिनों से हाड़ कंपाती ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है. सुबह से लेकर रात तक लोग ठंड से बचने की कोशिश में जुटे रहते हैं. हालांकि गुरुवार को कुछ देर के लिये धूप भी निकला. मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 10.9 रिकार्ड किया […]

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मधुबनी : बीते दस दिनों से हाड़ कंपाती ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है. सुबह से लेकर रात तक लोग ठंड से बचने की कोशिश में जुटे रहते हैं. हालांकि गुरुवार को कुछ देर के लिये धूप भी निकला. मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 10.9 रिकार्ड किया गया. जबकि न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. हालांकि अन्य दिनों की अपेक्षा ठंड कम तो जरूर रही. पर लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है. खासकर दूर दराज जाने वाले लोगों का हाल बेहाल हो रहा है. कंपकंपाती ठंड, न बस न ट्रेन, बाहर जाने वाले यात्री का इन दिनों फजीहत हो रहा है.

ट्रेन से परदेस से आने वाले या परदेस जाने वाले यात्री एक तो घंटों विलंब से पहुंच रहे हैं. इसके बाद भी उनकी परेशानी कम नहीं हो रही. बुधवार को जिस गरीबरथ ट्रेन को मधुबनी स्टेशन पहुंचना था वह ट्रेन गुरुवार की सुबह आठ बजे पहुंचा. इसमें आने वाले यात्री पंकज भी थे. पंकज बताते हैं कि ठंड में करीब बीस घंटे विलंब से ट्रेन के आने से फजीहत हो गयी. इसके बाद जैसे ही पंकज बाहर आये तो खोजे से भी बस नहीं मिल रहा था. ऐसा नहीं कि स्टैंड में बस नहीं था. पर यात्री नहीं मिल पाने के कारण बस चालक बस को लेकर जाने को तैयार ही नहीं था. यह परेशानी किसी एक पंकज की नहीं थी. बाहर से आने वाले या बाहर जाने वाले अधिकांश यात्रियों की इन दिनों इसी प्रकार की परेशानी से जूझना पड़ रहा है. तेज पछिया हवा से जनजीवन अस्त व्यस्त है. हवा इतनी तेज रही कि लोग बाहर निकलने से डरते रहे.

गुरुवार को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा. जबकि अधिकतम तापमान 10.9 डिग्री पर पहुंच गया. हांड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है. हालत ऐसा रहा कि शाम पांच बजे ही धूप अंधेरा छा गया. सड़कें वीरान हो गयी. लोग सुबह में देर तक कंबल व रजाई में दुबके रहे तो शाम में जल्द से जल्द बिस्तर में दुबकने की कोशिश में थे.

बसों में पैसेंजर नहीं . ठंड ने बस चालकों व संचालकों पर भी आफत ला दिया है. बस स्टैंड खाली है. लंबी दूरी की अधिकांश बसें खाली ही जा रही है. बस मोटर चालक संघ के अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर उर्फ मुन्ना ठाकुर ने बताया है कि इन दिनों बस स्टैंड से अधिकांश बस में पूरा सीट तक नहीं भर पा रहा है. कइ बस का परिचालन भी बंद हो गया है. जिस कारण बस संचालकों को हर दिन हजारों का घाटा हो रहा है. वहीं सबसे अधिक परेशानी व घाटा मधुबनी से दिल्ली जाने वाली बसों के मालिकों को हो रही है. बस में पूरा यात्री नहीं होने के बाद भी बस को दिल्ली तक परिचालन करना पड़ रहा है. जिस कारण हर दिन हजारों का नुकसान हो रहा है.
सुबह ही पहुंचा देते हैं दुनिया भर की जानकारी
55 वर्षीय जयकांत मिश्र हॉकर हैं. जिला मुख्यालय में 4 बजे सुबह से अखबार बांटने निकल पड़ते है. मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर अमादा गांव से प्रतिदिन वे साइकिल से शहर में आकर विभिन्न मोहल्लों के घरों में अखबार देने निकल पड़ते हैं. हॉकर जयकांत मिश्र ने बताया कि पिछले 40 वर्षों से वह प्रतिदिन अखबार की प्रतियां बांटते है. धोती व कूर्ता उनका पहनावा है. कहा कि इस वर्ष का जाड़ा नाम कर गया. पिछले कई वर्षों से इस वर्ष अधिक ठंड पड़ा है. ठंड से बचने के लिए वे ट्राउजर व मफलर बांधकर अखबार बांटने निकले हैं. उन्होंने कहा कि रोजगार का साधन ही अखबार बांटना है. इसलिए प्रतिदिन साढे तीन बजे सुबह में ही घर से निकलना पड़ता है. यह एक आदत सी बन चुकी है. अत्यधिक ठंड लगने पर सड़क किनारे जले अलाव को थोड़ी देर सेंक कर फिर अपने सफर पर निकल पड़ता हूं. बताते हैं कि अब लोगों को निर्धारित समय से अखबार पहुंचाना एक जिम्मेदारी हो गयी है.
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