आरती को एक दिन पहले ही मिल गयी थी छुट्टी

Updated at :26 Jul 2017 4:31 AM
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आरती को एक दिन पहले ही मिल गयी थी छुट्टी

बीमार आरती थी दूसरे कमरे में, मोना के साथ थी मीरा मधुबनी : महिला अभिरक्षा से फर्जी परीक्षार्थी के भागने के मामले में कइ बातें सामने आ रही है. मोना सिंह सुबह करीब छह बजे ही भाग गयी थी. पुलिस सूत्रों की मानें तो जिस दो महिला सिपाही के संरक्षण में रखे जाने की बातें […]

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बीमार आरती थी दूसरे कमरे में, मोना के साथ थी मीरा

मधुबनी : महिला अभिरक्षा से फर्जी परीक्षार्थी के भागने के मामले में कइ बातें सामने आ रही है. मोना सिंह सुबह करीब छह बजे ही भाग गयी थी. पुलिस सूत्रों की मानें तो जिस दो महिला सिपाही के संरक्षण में रखे जाने की बातें कही जा रही है, उसमें से एक महिला सिपाही आरती बीते कई दिनों से बीमार चल रही थी. जो अपने छुट्टी के लिये पूर्व में ही आवेदन भी दिया था. सूत्रों का कहना है कि आरती घाव से परेशान है. कई सारे घाव एक साथ उसे निकल गये हैं. जिस कारण वह ना तो ठीक से चल पाती है और ना ही सो पाती है.
आरती की परेशानी को देखते हुए उसकी छुट्टी को भी कमांडेंट ने स्वीकृत कर ली. रविवार की देर शाम ही आरती को फोन से छुट्टी मिल जाने की सूचना दी गयी. पर देर शाम हो जाने के कारण वह रात में जाने में असमर्थता व्यक्त करते हुए सोमवार की सुबह जाने को कहा. सोमवार को ही उसे परवाना भी दिया गया. पर इसी बीच फर्जी परीक्षार्थी भाग निकली और इसका खामियाजा आरती झा को भी भुगतना पड़ रहा है.
जानकारी के अनुसार रविवार को ही बिना कमान के ही एक अन्य महिला सिपाही मीरा को फर्जी परीक्षार्थी के साथ रहने को कहा गया. सूत्रों का कहना है कि रात करीब 11 बजे तक सभी एक साथ रहे. इसके बाद आरती बीमार होने के कारण दूसरे कमरे में सोने चली गयी और मीरा को फर्जी परीक्षार्थी मोना के साथ रहने को कहा गया. बाहर से आरती ने कमरे का ताला लगा दिया. सूत्रों का कहना है कि सोमवार की सुबह करीब चार से पांच बजे के आसपास मीरा ने आवाज दी जिसपर आरती ने मीरा के कमरे को खोल दिया. बताया जा रहा है कि इतनी सुबह हो चुकी थी कि अधिकांश सिपाही जाग गये थे. चूंकि मीरा ही फर्जी छात्रा मोना के साथ थी. इसलिए आरती ने कमरे को खोलकर दुबारा अपने कमरे में चली गयी और सो गयी. संभावना जतायी जा रही है कि मीरा भी या तो सो गयी या इतनी आश्वस्त हो गयी कि मोना इस परिसर से नहीं भाग सकेंगी. पर इसी बीच मोना सिंह भाग गयी.
कुमकुम की भूमिका संदेहास्पद
मोना सिंह के गिरफ्तारी के समय से ही कथित तौर पर मोना की बहन बताने वाली कुमकुम सिंह की भूमिका भी संदेहास्पद है. जिस दिन मोना सिंह गिरफ्तार हुई उसी दिन से वह मोटी रकम का प्रलोभन देकर अपनी बहन को पुलिस के हिरासत से छुडाने की कोशिश में जुटी थी. कई बाहरी लोगों से भी इसने इस मामले में संपर्क किया था. सूत्रों का कहना है कि कुमकुम सिंह रविवार की रात एक होटल में ही ठहर गयी थी. जिस समय मोना सिंह भागी उस समय कुमकुम भी नगर थाना परिसर में आ चुकी थी.
कस्टडी से भागने का मामला
सुबह छह बजे में ही भाग गयी थी मोना
मीरा व एक हवलदार की भूमिका संदेह के घेरे में
कुमकुम सिंह नामक महिला को पुलिस कर रही तलाश
हवलदार पर गिरेगी गाज
इस मामले में एक हवलदार की भूमिका भी संदिग्ध बतायी जा रही है. जिस पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस समय आरती अपने दूसरे कमरे में सोयी थी और बगल के दूसरे कमरे से मोना के आवाज दिये जाने की बात बतायी जा रही है. एक हवलदार ने आरती को आवाज देकर जगाया और मोना के कमरे को खोलने को कहा. आरती द्वारा घर खोले जाने के दौरान भी और इसके बाद भी उक्त हवलदार वहां पर मौजूद था. चूंकि आरती बीमार थी इसलिए वह अपने कमरे में दुबारा जाकर सो गयी थी. पर हवलदार और मीरा मौजूद रही. ऐसे में हवलदार पर भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है.
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