राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने से जितवारपुर में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय

मधुबनी : जितवारपुर गांव. शहर मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर बसा बस्ती. यह गांव आज अपनी पहचान देश क्या, विश्व स्तर पर बना चुका है. शायद इस गांव के मिट्टी में ही वह खासियत है कि इस गांव में आकर जो भी पूरी तन्मयता से अपने कामों का निर्वहन करते हैं उन्हें […]
मधुबनी : जितवारपुर गांव. शहर मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर बसा बस्ती. यह गांव आज अपनी पहचान देश क्या, विश्व स्तर पर बना चुका है. शायद इस गांव के मिट्टी में ही वह खासियत है कि इस गांव में आकर जो भी पूरी तन्मयता से अपने कामों का निर्वहन करते हैं उन्हें इनाम के रूप में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हो जाता है.
वैसे तो इस गांव की पहचान आज से पहले मिथिला पेंटिंग के लिए प्रसिद्ध था. पर, अब तो शिक्षा के क्षेत्र में भी इस गांव ने देश स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर दिया है. इस गांव के मध्य विद्यालय के शिक्षक हेमंत कुमार का नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के लिये घोषित किया गया है. इस पुरस्कार से हेमंत का परिवार को भले ही जो खुशी मिली हो, पर इससे सबसे अधिक खुश तो जितवारपुर गांव के लोग हैं. खुद राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत लोग भी हेमंत को बधाई दे रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










