बूढ़े पिता के कंधे पर बेटे की मौत का गम

Updated at :15 Jun 2017 4:25 AM
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बूढ़े पिता के कंधे पर बेटे की मौत का गम

मधुबनी/ पंडौल : सकरी थाना क्षेत्र के सिबोतर टोला निवासी मो छीतन की आंखों में अब उतना पानी भी नहीं कि हमेशा ही बहती रहे. चेहरे पर जमाने भर का गम, आखें मानों बेटे की गम में रोते-रोते सूख गयी है. हो भी क्यों नहीं. जवान बेटा सोहैल अब इस दुनिया में नहीं रहा. एक […]

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मधुबनी/ पंडौल : सकरी थाना क्षेत्र के सिबोतर टोला निवासी मो छीतन की आंखों में अब उतना पानी भी नहीं कि हमेशा ही बहती रहे. चेहरे पर जमाने भर का गम, आखें मानों बेटे की गम में रोते-रोते सूख गयी है. हो भी क्यों नहीं. जवान बेटा सोहैल अब इस दुनिया में नहीं रहा. एक तो बेटे की मौत का गम इस उम्र में अल्लाह ने दे दी है. दूसरा गम यह सताये जा रही है कि अपने कलेजे के टुकड़े को अपने गांव के सरजमीं पर सुपुर्दे खाक भी नहीं कर सके हैं.

उतनी पैरवी या जानकारी भी इस बूढ़े लाचार बाप में नहीं है कि बेटे के शव को वहां से मांग सके. दरवाजे पर आनेजाने वाले हर लोगों से बस यही बात कर रहे हैं कि कोई तो मेरे बेटे का शव दूर देश से ला दे. पर, इनकी इस बात का जवाब किसी के पास नहीं. कोई आश्वासन भी नहीं दे पा रहा. शोक व्यक्त करने जाने वाले खुद इस मामले में लाचार दिख रहे हैं. मो. छीतन बताते हैं कि यदि यह जानता कि हमारा बेटा हमारे लिये रोटी का इंतजाम करने जायेगा. वह कभी भी वापस नहीं आयेगा, तो उसे कभी भी परदेस नहीं जाने देता. यहीं पर पूरा परिवार सूखी रोटी खाकर भी अपना जीवन बिता लेते.

मासूम अयान कहता कब आयेंगे अब्बा : एक ओर जहां बूढ़े बाप का कंधा अपने बेटे के मौत की गम से टूट गया है, तो इन बातों से अंजाम मासूम अयान ईद में खुशी मनाने को बेताब दिख रहा. वह मासूम तो इतना भी नहीं जानता है कि इस ईद उसके घर में खुशी की नहीं गम होगी. वह रह-रह कर अपनी अम्मी व दादा जान से पूछता है कि अब्बा कब आयेंगे. लोगों की भीड़ में भी उस मासूम की आंखें अपने अब्बा को ढूंढ़ती है. अयान की अम्मी मजहबी खातून अपने शौहर के गम में डूबी है, तो दूसरी ओर अपने मासूम बेटे के सवालों का जवाब देते नहीं बन रहा. कुछ नहीं सूझ रहा कि सोहैल का शव सउदी से कैसे आये.
भाई ने दिये एसडीओ को आवेदन
: सोहैल के शव को सउदी से मंगाने के लिए सोहेल के भाई गुड्डू ने इस मामले में सदर एसडीओ अभिलाषा नारायण शर्मा को आवेदन दिया. हालांकि, पूरा परिवार बुधवार को घंटों एनएच पर खड़ा रहा. दरअसल, बुधवार को सीएम नीतीश कुमार सकरी के रास्ते ही सुपौल जाने वाले थे. पूरा परिवार सीएम को सोहैल के शव को वापस मंगाने के लिए सीएम को आवेदन देकर गुहार लगाने वाले थे. पर, सीएम का काफिला देर शाम निकल गया. परिवार सीएम को आवेदन देने से वंचित रह गये. हालांकि, जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने बताया है कि इस मामले में परिवार से आवेदन लिया गया है. आवश्यक पहल की जा रही है.
सोहैल के भाई ने बताया है कि सोहैल का शव अब तक सउदी के अस्पताल में ही रखा हुआ है. आसपास के लोग अपने स्तर से सोहैल के शव को लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं. अब तक कुछ सफलता हाथ नहीं लगी है. मालूम हो कि सकरी थाना क्षेत्र के सिबोतर टोला निवासी मो सोहैल की सउदी अरब के रियाद नामक जगह पर पाकिस्तानी युवक द्वारा चाकू से गोदकर हत्या कर दी गयी थी. इस घटना से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है.
सोहैल करीब पांच माह पूर्व पंद्रह जनवरी 17 को सऊदी के रियाद गया था. वहां पर वह प्लंबर (मोटर पानी ठीक ) किये जाने का काम करता था. परिजनों ने बताया है कि रियाद में अल जज़ीरा नामक एक कंपनी में कार्य करता था. उसे एक कमरा दिया गया था. इसमें उसके साथ बतौर रूम पार्टनर एक यूपी का युवक एवं दो पाकिस्तानी भी रहता था. मृतक की पत्नी महजबी खातून के अनुसार शनिवार की रात जब मृतक सेहरी करने उठा (भारतीय समयानुसार रात करीब एक बजे) तो उसने मजहबी से परिवार का हाल चाल जाना. इसके बाद वह सो गया. पर, जब मजहबी शनिवार की ही सुबह करीब दो घंटे बाद मो सोहैल को फोन किया, तो किसी ने फोन नहीं उठाया. बाद में दिन में लगातार परिजन हाल चाल जानने के लिए फोन करते रहे. शनिवार के दिन में करीब तीन बजे यूपी के रहने वाले युवक ने फोन उठाया और मो सोहैल पर पाकिस्तानी युवकों द्वारा चाकू से हमला कर मार दिये जाने की जानकारी दी गयी.
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