सदर में डायरिया के मरीजों में वृद्धि

Updated at :06 Jun 2017 4:34 AM
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सदर में डायरिया के मरीजों में वृद्धि

गरमी. रोज 10 से 12 की संख्या में मरीज हो रहे भरती मधुबनी : तपिश भरी गरमी में डायरिया व डिहाइड्रेशन के मरीजों में काफी वृद्धि हुई है. वहीं इस बीच कुत्ता काटने वाले मरीजों में भी बेतहाशा वृद्धि दर्ज हो रही है. विगत 15 दिनों में डायरिया व डिहाइड्रेशन के लगभग 140 मरीज ओपीडी […]

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गरमी. रोज 10 से 12 की संख्या में मरीज हो रहे भरती

मधुबनी : तपिश भरी गरमी में डायरिया व डिहाइड्रेशन के मरीजों में काफी वृद्धि हुई है. वहीं इस बीच कुत्ता काटने वाले मरीजों में भी बेतहाशा वृद्धि दर्ज हो रही है. विगत 15 दिनों में डायरिया व डिहाइड्रेशन के लगभग 140 मरीज ओपीडी में पंजीकृत किये गये. जबकि कुत्ता के काटने से घायल 240 मरीज पंजीकृत किया गये. इसके अलावा प्रतिदिन लगभग 10 से 12 डायरिया के मरीजों को अस्पताल में भरती किया जाता है.
सदर अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन 10 से 15 डायरिया का मरीज उपचार के लिए आते है. जिसमें अधिकांश मरीजों को सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में उपचार के लिए भरती किया जाता है.
अधिकांश मरीज को 24 घंटे चिकित्सकों की देख-रेख में रखा जाता है. जहां स्लाइन, मेट्रानिडाजोल आदि दवा मरीज को दिया जाता है. इससे इतर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रत्येक पाली में तीन- चार डायरिया मरीज को भरती किया जाता है. इमरजेंसी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग दो माह से डायरिया मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज किया गया है. इमरजेंसी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डायरिया के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करायी जाती है.
गरमी का प्रकोप बढ़ते ही कुत्ता के काटने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज किया गया है. ओपीडी से मिली जानकारी के अनुसार 15 मई से 21 मई तक सदर अस्पताल में 129 कुत्ता काटने से घायल मरीज पंजीकृत किया गया है. जबकि 22 से 28 मई तक 111 मरीजों को पंजीकृत किया गया. डा. निशांत बताते हैं कि डाग वाइट के मरीज को एआरबी दिया जाता है. एआरबी की कोई किल्लत नहीं है.
15 दिनों में कुत्ता काटने से 240 जख्मी भरती
डॉक्टर की लें सलाह
चिकित्सक डॉ निशांत बताते हैं कि जिले में डायरिया बैक्टीरिया वायरस की चपेट में आने से होता है. लिहाजा प्रत्येक व्यक्ति को साबुन से हाथ-मुंह धोकर ही खाना खाना चाहिए. खाने को हमेशा ढक कर रखना चाहिए. बाजार के खुले में रखे समानों को कभी भी नहीं खाना चाहिए. डा. निशांत बताते है कि डायरिया मुख्य रूप से खाने पर मक्खी के बैठने व गंदगी के कारण होता है. उन्होंने बताया कि जैसे ही लूज मोशन हो नमक- चीनी मिला पानी का सेवन करना चाहिए व तत्काल चिकित्सा से सलाह लें.
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