मधेपुरा. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मधेपुरा का मॉडल सदर अस्पताल का भवन करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे आज उद्घाटन करेंगे. जिले में तीन सौ बेड की क्षमता वाले मॉडल सदर अस्पताल का निर्माण होने से लोगों में खुशी है. साज-सज्जा के कार्य भी पूरे है. जिसे भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. जिसके बाद सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जायेगा. इसमें आईपीडी का भी संचालन होगा और अंत में ऑपरेशन थिएटर शुरू होगा. मॉडल सदर अस्पताल खुलने से 20 लाख लोगों को मिलेगा लाभ इस बाबत सिविल सर्जन डाॅ मिथलेश ठाकुर ने बताया कि शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है. सदर अस्पताल परिसर में बना नया मॉडल अस्पताल शुक्रवार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और मधेपुरा के प्रभारी मंत्री के द्वारा उद्घाटन करने के बाद सुचारू रूप से शुरू होने वाला है. उन्होंने बताया मधेपुरा सांसद एमएलए ,एमएलसी व जिले की गणमान्य व्यक्ति को निमंत्रण दिया गया है. सदर अस्पताल परिसर में लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आठ मंजिला मॉडल अस्पताल का निर्माण किया गया है. इस भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस अस्पताल के चालू होने से जिले के लगभग 20 लाख लोगों को लाभ मिलेगा, खासकर 170 पंचायतों के ग्रामीणों को उन्नत स्वास्थ्य सेवायें मिलेगी. मरीजों व परिजनों को एक ही भवन में मिलेगी सारी सुविधा इस मॉडल सदर अस्पताल के तैयार होने जाने से न केवल मधेपुरा बल्कि आसपास के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी. सदर अस्पताल के वर्तमान भवन में कमरे की संख्या कम रहने के कारण सदर अस्पताल में बेड की संख्या भी कम है, जिसके कारण सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बेड की संख्या कम रहने के कारण काफी परेशानी हो रही थी. इसके अलावा पैथोलाजी जांच, एक्स-रे व दवा के लिए मरीजों व परिजनों को परेशानी होती है. अब नये भवन बनने के बाद मरीजों व परिजनों को एक ही भवन में सारी सुविधा मिलेगी. आग से सुरक्षा के लिए एक लाख लीटर क्षमता वाला वॉटर टैंक और वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम लगाया गया है, जिससे भूजल प्रदूषण को रोका जा सके. सभी फ्लोर पर वातानुकूलन की सुविधा है, जिससे गर्मी में मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी. अस्पताल के नए भवन में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष वार्ड और बच्चों के लिए 42 बेड वाला पीकू वार्ड तैयार किया गया है. जो गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज में सहायक साबित होगा. पहली मंजिल पर तीन आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, एनआईसीयू और डायलिसिस यूनिट के साथ एक ट्रॉमा सेंटर भी बनाया गया है. इसके अलावा ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, पैथोलॉजी सेंटर, दवा वितरण केंद्र और एक भव्य लॉबी भी भवन का हिस्सा हैं.
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