बीएनएमयू में प्रधानाचार्यों के अधिकारों का हो रहा हनन : सुधांशु

Updated:
विज्ञापन
बीएनएमयू में प्रधानाचार्यों के अधिकारों का हो रहा हनन : सुधांशु

नवनियुक्त प्रधानाचार्यों के खाता संचालन संबंधी पत्र में संशोधन करते हुए प्रतिमाह अधिकतम एक लाख रुपए खर्च करने की बंदिश हटाई जाए.

विज्ञापन

मधेपुरा बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में गत दिनों बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से प्रधानाचार्यों की नियुक्ति हुई है. इसी कड़ी में बीएनएमयू में भी सात प्रधानाचार्यों की नियुक्ति हुई. लेकिन बीएनएमयू में नवनियुक्त प्रधानाचार्यों के खाता संचालन संबंधी पत्रों में अनावश्यक रूप से प्रतिमाह एक लाख रुपए खर्च करने की बंदिश लगा दी गई है. नवनिर्वाचित सीनेट सदस्य डॉ सुधांशु शेखर ने कुलसचिव को पत्र प्रेषित कर इसका पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने कहा है कि प्रतिमाह एक लाख रुपए खर्च करने की बंदिश लगाना प्रधानाचार्यों के अधिकारों का हनन है. यह बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-1976 और बिहार सरकार की वित्तीय नियमावली एवं इससे संबंधित विभिन्न आदेशों के भी प्रतिकूल है. उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय ने मनमाने तरीके से प्रधानाचार्यों के हक-अधिकार का हनन किया है. इसका विभिन्न महाविद्यालयों के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इसलिए नवनियुक्त प्रधानाचार्यों के खाता संचालन संबंधी पत्र में संशोधन करते हुए प्रतिमाह अधिकतम एक लाख रुपए खर्च करने की बंदिश हटाई जाए. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का यह प्रावधान भेदभावपूर्ण है. नवनियुक्त प्रधानाचार्यों के लिए प्रतिमाह एक लाख खर्च करने की बंदिश है, लेकिन पूर्व में नियुक्त प्रधानाचार्यों एवं प्रभारी प्रधानाचार्यों के लिए कोई बंदिश नहीं है. यह संविधान प्रदत्त समानता के मौलिक अधिकारों के भी खिलाफ है.

विज्ञापन
कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन