गम्हरिया प्रखंड मुख्यालय में मानकों को ताक पर रखकर चल रहे निजी विद्यालय व हॉस्टल, हादसों को न्योता

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मधेपुरा के गम्हरिया में निजी स्कूल और हॉस्टल बिना किसी मानक और सरकारी दिशा-निर्देशों के संचालित हो रहे हैं. स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते लोगों में भारी आक्रोश है. अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.

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मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र में इन दिनों बिना किसी तय मानक और सरकारी दिशा-निर्देशों के कई निजी विद्यालय एवं हॉस्टल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं. सुरक्षा मानकों की सरेआम अनदेखी कर चलाए जा रहे इन शैक्षणिक संस्थानों की ओर स्थानीय शिक्षा विभाग का कोई ध्यान नहीं है. विभागीय उदासीनता से नाराज स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं.

सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां

मुख्यालय क्षेत्र में संचालित अधिकांश निजी स्कूलों और हॉस्टलों की स्थिति बेहद चिंताजनक है:

  • फायर सेफ्टी और भवन प्रमाण पत्र गायब: अधिकांश संस्थानों के पास न तो आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन (Fire Safety) के इंतजाम हैं और न ही सुरक्षित भवन होने का आधिकारिक प्रमाण पत्र.
  • संकीर्ण गलियों में हॉस्टल: बिना आपातकालीन निकास (Emergency Exit) वाले संकरे भवनों में हॉस्टल चलाए जा रहे हैं, जहां सैकड़ों मासूम बच्चे रहने को मजबूर हैं.

विभागीय उदासीनता पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश

स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:

  • हादसे के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन? लोगों का कहना है कि जब भी कोई अनहोनी या हादसा होता है, तो संबंधित अधिकारी यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्हें संस्थान के अवैध संचालन की जानकारी नहीं थी.
  • जांच पर सवाल: जब प्रखंड मुख्यालय की नाक के नीचे बिना मान्यता और मानकों के स्कूल व हॉस्टल चल रहे हैं, तो जांच अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण क्यों नहीं करते?

प्रशासन और शिक्षा विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग

क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है:

  • विशेष जांच टीम का गठन: गम्हरिया में चल रहे सभी निजी स्कूलों और हॉस्टलों की जांच के लिए तुरंत एक विशेष टीम गठित की जाए.
  • अवैध संस्थानों को सील करने की अपील: जो संस्थान अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा और शिक्षा विभाग के तय मानकों को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें अविलंब सील कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ रोका जा सके.


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डिक्सन राज

लेखक के बारे में

By डिक्सन राज

डिक्सन राज प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गम्हरिया (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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