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शिक्षकों व शोधार्थियों को प्रशिक्षण की है आवश्यकता

Updated at : 26 Jul 2024 9:34 PM (IST)
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शिक्षकों व शोधार्थियों को प्रशिक्षण की है आवश्यकता

शिक्षकों व शोधार्थियों को प्रशिक्षण की है आवश्यकता

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प्रतिनिधि, मधेपुरा ड्रिलबिट सॉफ्टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से बीएनएमयू में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन 31 जुलाई को होगा. इस संबंध में कार्यशाला के कन्वेनर व प्लेजियारिज्म डिटेक्शन सेंटर बीएनएमयू के विश्वविद्यालय कोऑर्डिनेटर प्रो एमआइ रहमान ने बताया कि विश्वविद्यालय अंतर्गत यूजीसी के निर्देशानुसार सभी शोध कार्य की जांच प्लेगरिज्म जांच केंद्र द्वारा पैट-2019 से ही की जा रही है. उन्होंने बताया कि समय-समय पर यूजीसी द्वारा प्लेगरिज्म सॉफ्टवेयर में परिवर्तन लाया जाता रहा है.

यूजीसी ने ड्रिलबिट सॉफ्टवेयर को प्लेगरिज्म जांच के लिए किया लागू

प्रो एमआई ने बताया कि यूजीसी कि इकाई शोध-शुद्धि ने भारत के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि अब शोध प्रबंधों (थीसिस) आदि की जांच ड्रिलबिट सॉफ्टवेयर से करायी जाय. ड्रिलबिट सॉफ्टवेयर भारत में निर्मित सॉफ्टवेयर है, जिसे बेंगलुरु स्थित कंपनी ड्रिलबिट सॉफ्टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है. यूजीसी ने इस सॉफ्टवेयर को ही भारत के सभी विश्वविद्यालय में प्लेगरिज्म जांच के लिए लागू किया है. यह विदेशी भाषाओं के साथ-साथ भारत के क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्यिक चोरी को पता लगाने व पकड़ने में काफी सक्षम है. ड्रिलबिट सॉफ्टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भारत के सभी विश्वविद्यालयों के समन्वयकों को इस सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दे रखा है.

ऑफलाइन व ऑनलाइन मोड में कराया जायेगा कार्यशाला

प्रो एमआई ने बीएनएमयू कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा को साधुवाद देते हुए बताया कि कुलपति, विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं और उन्हीं के सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न होने जा रहा है. प्रो एमआइ ने बताया कि यह कार्यशाला ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड में कराया जायेगा. ऑनलाइन के लिए 30 जुलाई को एक लिंक जारी कर दिया जायेगा. इस कार्यशाला में भाग लेने वाले सहभागियों को किसी भी प्रकार का निबंधन शुल्क नहीं देना होगा. कार्यशाला की रूप रेखा भी तैयार कर ली गयी है. कार्यशाला 12 बजे से 04 बजे तक चलेगा.

शिक्षकों व शोधार्थियों को भी प्रशिक्षण की है आवश्यकता

बीएनएमयू कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा ने इस बात पर जोर डाला कि शिक्षकों व शोधार्थियों को भी प्रशिक्षण की आवश्यकता है, ताकि वह भी पूर्ण रूप से सजग व सतर्क रहे. इस संदर्भ में ड्रिलबिट सॉफ्टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु के क्षेत्रीय प्रबंधक अभ्यास सिंह जो कि उत्तरी भारत व पूर्वी भारत की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, से संपर्क स्थापित किया गया है और उन्होंने इस संदर्भ में अपनी सहमति प्रदान कर दी है. वह ऑनलाइन सॉफ्टवेयर आधारित प्रशिक्षण विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शोधार्थियों को प्रदान करेंगे.

कुलपति द्वारा सहभागिता प्रदान किया जायेगा प्रमाण-पत्र

कुलपति कार्यशाला के अध्यक्ष व उद्घाटनकर्ता होंगे. विशिष्ट अतिथियों के रूप में चारों संकायाध्यक्ष शामिल होंगे. विषय विशेषज्ञ के रूप में विश्वविद्यालय जूलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो नरेंद्र श्रीवास्तव व विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो एमआइ रहमान व्याख्यान देंगे. मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में ड्रिलबिट सॉफ्टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु के क्षेत्रीय प्रबंधक अभ्यास सिंह सहभागियों को प्रशिक्षित करेंगे. सहभागियों को कुलपति द्वारा सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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