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डा रवि ने शिक्षा, साहित्य एवं राजनीतिक जगत में दिया अविस्मरणीय योगदान

Updated at : 05 Jan 2025 6:42 PM (IST)
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डा रवि ने शिक्षा, साहित्य एवं राजनीतिक जगत में दिया अविस्मरणीय योगदान

निबंध प्रतियोगिता में प्रथम माही, द्वितीय सपना, तृतीय आयुष एवं सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित चार छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया.

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मधेपुरा. कौशिकी क्षेत्र हिंदी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अंबिका सभागार में कौशिकी क्षेत्र हिंदी साहित्य सम्मेलन के संरक्षक, ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा के प्राचार्य, बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति व सांसद तथा प्रखर साहित्यकार रहे डा रमेंद्र कुमार यादव रवि की 83वीं जयंती कौशिकी क्षेत्र हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष सह पूर्व प्रतिकुलपति डा केके मंडल की अध्यक्षता में रविवार को मनायी गयी. मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कुलसचिव प्रो सचिंद्र महतो ने कहा कि डा रवि ने शैक्षणिक व राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संगठन में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है. साहित्यकार प्रो मणि भूषण वर्मा ने कहा कि डा रवि हिंदी साहित्य के एक सुप्रसिद्ध विद्वान, कुशल प्रशासक, स्वाभिमानी शिक्षक, लोकप्रिय राजनेता एवं सह्रदय इंसान थे. उन्होंने कोसी-सीमांचल के शिक्षा, साहित्य एवं राजनीतिक जगत में अविस्मरणीय योगदान दिया. कौशिकी क्षेत्र हिंदी साहित्य सम्मेलन के सचिव समाजसेवी-साहित्यकार डा भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि कोसी-सीमांचल की समृद्धि व सर्वांगीण विकास में अविस्मरणीय योगदान के लिए डा रवि को सदा याद किया जायेगा. प्रो अरुण कुमार ने कहा कि डा रवि एक हर दिल अजीज इंसान एवं लोकप्रिय जन नेता थे. स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच डा रवि के जयंती पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम माही, द्वितीय सपना, तृतीय आयुष एवं सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित चार छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया. अध्यक्षीय संबोधन में डा केके मंडल ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति एवं ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा के प्रथम कमीशंड प्राचार्य डा रमेंद्र कुमार यादव रवि बहुमुखी प्रतिभा के धनी एवं महान शिक्षाविद थे. उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में विकास की जो लकीरें खींची है, उन्हें याद की जाती रहेगी. उन्होंने कौशिकी क्षेत्र हिंदी साहित्य सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष मंडल के तीन सदस्यों डा हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, शिवनेश्वरी प्रसाद एवं भगवान चंद्र विनोद के साहित्यिक अवदानों की भी चर्चा की तथा श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर लोगों ने डा रवि के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रमुख रूप से विचार व्यक्त करने वालों में कवि डा विश्वनाथ विवेका, बीएनएमयू स्नातकोत्तर हिंदी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो डा सीताराम शर्मा, गजलकार सियाराम यादव मयंक, सत्यनारायण यादव, आनंद कुमार समेत अन्य शामिल थे. मंच संचालन राष्ट्रीय युवा वक्ता हर्षवर्धन सिंह राठौड़ व धन्यवाद ज्ञापन डा श्यामल कुमार सुमित्र ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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