लॉकडाउन छूट में लोग निबटा रहे है खेतीबाड़ी, कई जगहों पर मजदूर की समस्या

Updated at : 10 Apr 2020 12:30 AM (IST)
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लॉकडाउन छूट में लोग निबटा रहे है खेतीबाड़ी, कई जगहों पर मजदूर की समस्या

मधेपुरा : कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव और रोकथाम जरूरी है. इसका ध्यान किसानों को भी है. लॉक डाउन में छूट मिलते ही किसान खेती-पाती में जुट रहे हैं. संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए वह तीन या चार लोग ही खेतों का रुख कर रहे हैं. किसानों की खेती को पहले मौसम की […]

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मधेपुरा : कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव और रोकथाम जरूरी है. इसका ध्यान किसानों को भी है. लॉक डाउन में छूट मिलते ही किसान खेती-पाती में जुट रहे हैं. संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए वह तीन या चार लोग ही खेतों का रुख कर रहे हैं. किसानों की खेती को पहले मौसम की मार पड़ी और अब गेहूं की फसल तैयार होने लगी है. किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही हैं. उन्हें खुद का बचाव करना है और साथ ही फसल भी समेटनी है. लॉक डाउन के चलते महिला किसानों के सामने सबसे अधिक संकट पैदा हो गया है. वह खेतों पर निकलतीं हैं तो प्रशासन की उन पर नजर है. ऐसे में महिलाएं घास और गेहूं की कटाई आदि के लिए सुबह सात से 12 बजे तक खेतों में पहुंच रही हैं.

कुमारखंड के रामनगर गांव के किसान बताते है कि गेहूं की फसल तैयार है. यदि लॉक डाउन बढ़ा तो उन्हें फसल समेटने में परेशानी होगी. मवेशियों के लिए चारा भी इस बीच जुटाना है. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के आदेशों का पूरा पालन कर रहे हैं. खेतों में गेहूं की कटाई आदि काम भी करीब एक मीटर दूरी बनाकर मजदूर कर रहे हैं.खेती पर दिखने लगा लॉक डाउन का प्रभाव15 दिनों से जारी लॉकडाउन का प्रतिकूल प्रभाव फसल कटनी पर भी पड़ने लगा है. गेहूं एवं रवि फसल पककर तैयार हैं. लेकिन किसानों को फसल कटनी के लिए मजदूर नही मिल रहा है.

जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. उसे खेती में आर्थिक नुकसान होने का डर सताने लगा है. छोटे खेतिहर किसान जो स्वयं अपने खेतों में काम करते है, वे अपनी फसलों को धीरे-धीरे काट रहे हैं. लेकिन कोरोना के खौफ से बड़े व मझौले किसानों के खेतो में समूह में फसल कटनी के लिए जाने से परहेज कर रहे हैं. कृषि समन्वयक से मिली जानकारी के अनुसार लाखों हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं एवं करीब दस हज़ार हेक्टेयर में रवि यानी तेलहन और दलहन की खेती होती है. जिसमे से अभी तक रवि फसल ही मात्र 50 प्रतिशत खेतों में से कटनी ही हो पाई है. बाकी के फसल खेतों में ही लगी हुई है. अभी लॉक डाउन को और दस दिन बाकी है.

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