शहीद दिवस पर दौड़े युवा

तीनों ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण त्याग दिये.
फोटो – मधेपुरा 58- पुरस्कार के साथ खिलाड़ी प्रतिनिधि मधेपुरा. शहीद दिवस पर नेहरू युवा केंद्र द्वारा बीएन मंडल स्टेडियम से मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया. इस अवसर पर समाजसेवी सह साहित्यकार डाॅ भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी, बीएनएमयू के पूर्व विकास पदाधिकारी डाॅ ललन प्रसाद अद्री, नेशनल खिलाड़ी जय राज व सौरभ कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखा कर मैराथन दौड़ के लिए खिलाड़ियों को रवाना किया. समाजसेवी सह साहित्यकार डाॅ भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु के बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी थी. देश के इन्हीं तीन वीर सपूतों के सम्मान में हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है. लाखों क्रांतिकारियों के बलिदान, त्याग एवं साहस की अमर गाथा है. इन्हीं वीरों में से तीन अमर शहीद थे. इन तीनों ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण त्याग दिये. आजादी की लड़ाई में 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश हुकूमत ने भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु को फांसी दे दी, लेकिन इनका बलिदान स्वतंत्रता आंदोलन को तेज कर गया. बीएनएमयू के पूर्व विकास पदाधिकारी डाॅ ललन प्रसाद अद्री ने कहा कि जिस समय तीनों को फांसी हुई थी, तब भगत सिंह एवं सुखदेव केवल 23 वर्ष के थे और राजगुरु की उम्र 22 साल थी. अपने देश की स्वतंत्रता के लिए तीनों ने अपनी जिंदगी कुरबान कर दी, जो देश के युवाओं को देशभक्ति से ओतप्रोत करने वाला है. नेशनल खिलाड़ी जय राज ने नेहरू युवा केंद्र की सहराना करते हुए कहा कि शहीद दिवस पर मैराथन दौड़ का आयोजन करने से बच्चों को भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु के बलिदान को जानने का अवसर प्राप्त हुआ.
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