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मानव तस्करी एक सामाजिक व कानूनी अपराध है-सचिव

Updated at : 31 Jul 2025 6:51 PM (IST)
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मानव तस्करी एक सामाजिक व कानूनी अपराध है-सचिव

मानव तस्करी एक सामाजिक व कानूनी अपराध है

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विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

मधेपुरा.

क्रिश्चियन अस्पताल के सामुदायिक स्वास्थ्य व विकास कार्यक्रम के तहत गुरुवार को विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य जनसमुदाय को मानव तस्करी के बढ़ते खतरों से अवगत कराना था. इसके कारणों व प्रभावों पर चर्चा करना तथा इससे निपटने के लिए विभिन्न विभागों, संस्थाओं व समुदायों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना.

मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव पूजा कुमारी साहा उपस्थित रहीं. उन्होंने कहा कि मानव तस्करी एक गंभीर सामाजिक व कानूनी अपराध है. हमारा प्रयास है कि पीड़ितों को न्याय मिले और उन्हें कानूनी सहायता तत्काल रूप से उपलब्ध हो. इसके लिए डीएलएसए पूरी तरह से तैयार है. हमें ऐसे मामलों में चुप नहीं बैठना चाहिये बल्कि हर स्तर पर आवाज उठानी चाहिये.

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से सुजीत कुमार ने भाग लिया और कहा हमारा विभाग बालकों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. हम लगातार गांवों व बस्तियों में काम कर रहे हैं, ताकि तस्करी की संभावनाओं को समय रहते रोका जा सके. सामुदायिक सहभागिता इसमें अहम भूमिका निभाती है.

ग्वालपाड़ा स्थित नवज्योति कैथोलिक सेंटर की प्रभारी सिस्टर ओलिविया ने कहा कि महिलाओं व लड़कियों को शिक्षित और सशक्त बनाकर ही हम उन्हें मानव तस्करी से सुरक्षित रख सकते हैं. समाज को जमीनी स्तर पर बदलाव लाने के लिए कार्य करना होगा. मधेपुरा क्रिश्चियन अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ आशीष अब्राहम ने सामुदायिक विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया. हमारा कार्यक्रम वंचित व जोखिम ग्रस्त समुदायों तक पहुंचकर स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका व अधिकारों पर काम कर रहा है. हमारा उद्देश्य है कि लोग जागरूक बनें और किसी भी प्रकार की तस्करी का शिकार न हों. जॉन सलार फाउंडेशन के संस्थापक मो शहनवाज ने सहभागिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जब तक सभी संस्थाएं, समुदाय व सरकार मिलकर काम नहीं करेंगे. तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता. साझेदारी व संवाद की प्रक्रिया लगातार चलती रहनी चाहिये. अन्य अतिथियों में वरिष्ठ अधिवक्ता विजय कुमार, अधिवक्ता आलोक कुमार सिन्हा, पीएलवीएस पैनल अधिवक्ता और समुदाय प्रतिनिधि उपस्थित रहे. उन्होंने तस्करी पीड़ितों को कानूनी व सामाजिक संरक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया. इस पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन जॉनसन डिगल, प्रोग्राम मैनेजर सामुदायिक स्वास्थ्य व विकास कार्यक्रम क्रिश्चियन अस्पताल द्वारा किया. उन्होंने कहा यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है, जिसे समुदाय के हर व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता है. जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों का अंत संभव नहीं है. कार्यक्रम के अंत में सभी सहभागियों ने मानव तस्करी के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करने की शपथ ली व भविष्य में ऐसे प्रयासों को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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