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नशे की लत कारण, प्रभाव व निवारण विषय पर हुई परिचर्चा

Updated at : 05 Aug 2025 7:00 PM (IST)
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नशे की लत कारण, प्रभाव व निवारण विषय पर हुई परिचर्चा

नशे की लत कारण, प्रभाव व निवारण विषय पर हुई परिचर्चा

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युवाओं को सजग होने जरूरत- डॉ अशोक

मधेपुरा.

17 बिहार बटालियन एनसीसी मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के बैनर तले नशे की लत कारण, प्रभाव और निवारण विषयक परिचर्चा का आयोजन मंगलवार को किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के कुलपति सह मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के संस्थापक प्रधानाचार्य डॉ अशोक कुमार सहित अन्य वक्ताओं व छात्र-छात्राओं ने कहा कि नशा समाज के लिए घातक है. खासकर यह युवाओं को दिशाहीन ही नहीं करता बल्कि उसके भविष्य को बर्बाद करता है. इसकी कीमत समाज को उठानी पड़ती है.

अच्छे स्वास्थ्य व समाज के लिए नशे को कहें बाय : डॉ अशोक

डॉ अशोक ने कहा कि नशा जिसका आगमन जिस घर में एक बार हो जाता है, तो उस घर की बर्बादी निश्चित है. नशे की लत या किसी नशे की चीज का एडिक्शन होना एक मानसिक बीमारी है, जो किसी एक चीज (शराब, ड्रग्स) के लगातार उपयोग के कारण होती है. इसके अलावा इन नशे की चीजों का सेवन करने वाला व्यक्ति जानता है कि इसका हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है, लेकिन इसके बावजूद वह इसका इस्तेमाल करता रहता है. इसलिए उससे दूरी जरूरी है. वर्तमान समय में युवाओं के बीच अलग-अलग प्रकार के नशा के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं ऐसी विकृतियों से अलग अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध होना चाहिये.

विभिन्न प्रकार की उलझने नशा की ओर युवाओं को है धकेलती

विमेंस कॉलेज कौशल्याग्राम में इतिहास के प्राध्यापक डॉ हर्ष वर्द्धन सिंह राठौर ने कहा कि भारत विश्व के सबसे बड़े युवा मुल्क है. इसके बावजूद इसका लाभ समाज को नहीं मिल रहा क्योंकि युवा कई स्तरों पर दिशाहीन हैं. इसके मूल कारणों में नशा सबसे बड़ा कारण है. आज यह समाज के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. इसलिए इसके वर्तमान हालात, कारण, निवारण पर मंथन समय की मांग है. नशे की लत से ग्रस्त लोगों को अक्सर एक या एक से ज्यादा स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं. इनमें फेफड़े या हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इससे सिर्फ व्यक्ति विशेष को हानि नहीं होती बल्कि समाज व राष्ट्र भी प्रभावित होता है.

एनसीसी कैडेट्स नशा से दूरी ही न रखें, बल्कि दूसरों को भी करें प्रेरित- डॉ गौतम

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के एनसीसी पदाधिकारी मेजर डॉक्टर गौतम कुमार ने कहा कि एनसीसी कैडेट्स का यह नैतिक कर्तव्य है कि वो खुद को तो नशा से दूर रखें ही साथ ही दूसरों को भी इससे परहेज करने को जागरूक करें. तभी समाज व राष्ट्र हर परिस्थितियों से जूझने वाला युवा तैयार कर सकेगा. मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा एनसीसी यूनिट के कैडेट्स से एनसीसी को ही नहीं बल्कि मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा को भी बड़ी उम्मीदें हैं. ऐसे सामाजिक विकृतियों के दुष्परिणाम से लोगों को अवगत कराते हुये बेहतर समाज बनाने की दिशा में अग्रसर होंगे. इस दिशा में बिहार सरकार द्वारा बनाएं गये कड़े कानून और उसका सख्ती से पालन की चर्चा करते हुये डॉ गौतम ने कहा कि नशा का कारण,प्रभाव ,निवारण पर चर्चा कैडेट्स में जागरूकता का काम करेगी. इसी उद्देश्य से ऐसे आयोजनों को किया जाता है.

मौके पर एनसीसी कैडेट्स विकास, सिम्पल ,अमित,अमरजीत,सृष्टि, सुनैना, आशु, साक्षी, अन्नू, मौसम, सपना, नैना, भवेश, शिवम, मनु , अभिषेक, अमित, रहमत, अमन, मो तौसीफ,अंकुश पांडे आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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