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मधेपुरा का विकसित रूप में भूपेंद्र नारायण मंडल का है योगदान : डा अशोक

Updated at : 29 May 2025 6:44 PM (IST)
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मधेपुरा का विकसित रूप में भूपेंद्र नारायण मंडल का है योगदान : डा अशोक

कोसी का यह इलाका अपने आप को गौरवान्वित महसूस करता है

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मधेपुरा. गुरुवार को विमेंस कॉलेज में भूपेंद्र नारायण मंडल की 51वीं पुण्यतिथि मनाई गई. इस अवसर पर सर्वप्रथम भूपेंद्र नारायण मंडल के तैल चित्र पर महाविद्यालय के संस्थापक डा अशोक कुमार के द्वारा माल्यार्पण किया गया. जिसके बाद मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा के उप-प्राचार्य डा भगवान कुमार मिश्रा एवं उपस्थित सभी अतिथि के साथ-साथ महाविद्यालय के सहायक प्राचार्य एवं कर्मियों के द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई. महाविद्यालय संस्थापक डा अशोक कुमार ने कहा कि कोसी का यह इलाका अपने आप को गौरवान्वित महसूस करता है कि भारतीय राजनीति के मजबूत धारा समाजवाद के नेता व प्रबल योद्धा के रूप में भूपेंद्र नारायण मंडल सामने आये. 17 वर्ष की आयु में उन्होंने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में भाग लेकर और जीवन पर्यंत आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे. आज मधेपुरा का जो विकसित रूप देखने को मिल रहा है, इसमें कहीं ना कहीं भूपेंद्र नारायण मंडल का योगदान माना जायेगा. शिक्षा का अलग जागने में भूपेंद्र नारायण मंडल की एक बड़ी भूमिका रही है. मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा के उप-प्राचार्य डा भगवान कुमार मिश्रा ने भूपेंद्र नारायण मंडल को एक महान प्रेरणा स्रोत बताया. मधेपुरा इंटर कॉलेज के अंजनी आजाद ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल समाज के प्रति हर हमेशा समर्पण की भावना से कार्य करते थे. मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल में जात-पात नाम की कोई चीज नहीं थी. मधेपुरा इंटर कॉलेज के विजय कुमार ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल ने छुआछूत का आंदोलन बेलवा गांव से आरंभ किया था. इतिहास विभाग के प्राध्यापक डा माधव कुमार ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल 17 वर्ष की आयु में ही राजनीति में कूद कर महात्मा गांधी के साथ हो गये थे. प्रो जय श्री ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल को मेरे समझ से महामानव कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. डा बिट्टू ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल हरिजन समुदाय से किराय ऋषिदेव को सांसद बनाने का काम किया था. डा लक्ष्मण ने कहा की भूपेंद्र नारायण मंडल शिक्षा का अलख नहीं जागते तो मेरे जैसा व्यक्ति आज शिक्षित नहीं हो पाता. मौके पर डा अंकित, डा ललन कुमार, डा कौशल कुमार, रीता कुमारी, लुक कुमारी, मीरा कुमारी, रितु झा, अनिल कुमार, बादल कुमारी, क्षमता, एहसान, प्रिंस समेत अन्य उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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