बीईएसटी सिस्टम से स्कूलों पर सख्त निगरानी, 60% से कम उपस्थिति पर कार्रवाई तय

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बीईएसटी सिस्टम से स्कूलों पर सख्त निगरानी, 60% से कम उपस्थिति पर कार्रवाई तय

प्रतीकात्मक तस्वीर

विभाग का कहना है कि नई तकनीक आधारित व्यवस्था से न सिर्फ निगरानी मजबूत होगी, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और आसान ट्रिक्स का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सकेगा.

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मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट:

मधेपुरा: जिले सहित पूरे बिहार के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों की फर्जी उपस्थिति और छात्रों की कम हाजिरी पर सख्ती बढ़ने जा रही है. शिक्षा विभाग 21 मई से ‘बिहार ईजी स्कूल ट्रैकिंग (बीईएसटी)’ सिस्टम लागू करने जा रहा है. इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत राज्य के 76 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी. विभाग का दावा है कि इससे स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा.

अब तक स्कूलों की मॉनिटरिंग ई-शिक्षा कोष पोर्टल के जरिए होती थी, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण कई जगहों पर गड़बड़ी की शिकायतें मिलती थीं. आरोप था कि कुछ शिक्षक मोबाइल दूसरों को देकर स्कूल से अनुपस्थित रहते थे, जबकि छात्रों की उपस्थिति भी सही ढंग से अपडेट नहीं हो पाती थी. बीईएसटी ऐप लागू होने के बाद किसी भी तरह की अनियमितता पर सीधे शिक्षा विभाग मुख्यालय को अलर्ट मिलेगा.

नई व्यवस्था के तहत स्कूलों के खुलने-बंद होने का समय, शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, यूनिफॉर्म और पुस्तक वितरण जैसी गतिविधियों की भी निगरानी की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम होगी, वहां के प्रधानाध्यापक से जवाब-तलब किया जाएगा और उनसे सुधार के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी ली जाएगी. विभाग ने न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति का लक्ष्य तय किया है.

हर सप्ताह होगा विशेष निरीक्षण अभियान

शिक्षा विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त करते हुए अधिकारियों के लिए भी निरीक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी को हर महीने आठ प्रारंभिक और तीन माध्यमिक या उच्च माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण करना होगा. वहीं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को 10 प्रारंभिक और पांच माध्यमिक विद्यालयों की जांच करनी होगी. इसके अलावा हर बुधवार और गुरुवार को विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा. जांच में शिक्षक अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन रोकने की कार्रवाई भी की जाएगी.

तकनीक से बेहतर होगी शिक्षा व्यवस्था

विभाग का कहना है कि नई तकनीक आधारित व्यवस्था से न सिर्फ निगरानी मजबूत होगी, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और आसान ट्रिक्स का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सकेगा.


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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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