मौखिक आदेश पर ही काम से रोका
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Aug 2016 6:03 AM (IST)
विज्ञापन

उदासीनता . तीन साल से काम व मानदेय के लिए भटक रहे टोला सेवक मधेपुरा : मुख्यमंत्री को टोला सेवक की सेवा अवधि साठ वर्ष किये दो साल हो गये हैं लेकिन जिले के तीन प्रखंडों के 206 टोला सेवक काम और मानदेय के लिए विगत तीन वर्ष से अधिकारियों के कार्यालयों की खाक छान […]
विज्ञापन
उदासीनता . तीन साल से काम व मानदेय के लिए भटक रहे टोला सेवक
मधेपुरा : मुख्यमंत्री को टोला सेवक की सेवा अवधि साठ वर्ष किये दो साल हो गये हैं लेकिन जिले के तीन प्रखंडों के 206 टोला सेवक काम और मानदेय के लिए विगत तीन वर्ष से अधिकारियों के कार्यालयों की खाक छान रहे हैं. लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नहीं.
गौरतलब है कि पूरे जिले में टोला सेवक अपना कार्य कर रहे हैं और उन्हें मानदेय भी प्राप्त हो रहा है. लेकिन मधेपुरा, गम्हरिया और शंकरपुर के टोला सेवक वर्ष 2012 के फरवरी माह से ही अपने दुर्भाग्य पर रो रहे हैं. इनलोगों ने जिलाधिकारी के पास जनतादरबार में कई बार गुहार लगायी है लेकिन मामला वहीं का वहीं अटका है.
महादलित बस्ती में संचालित हैं उत्थान केंद्र : वर्ष 2009 में ही महादलित बस्ती में उत्थान केंद्र के जरिये बच्चों को शिक्षा की ओर उन्मुख करने के लिए सरकार ने टोला सेवकों को नियोजित करने का निर्णय लिया और आवेदन मंगाये. टोला सेवक के लिए अभ्यर्थी महादलित वर्ग के ही होना निश्चित किया गया. इसके तहत आवेदन लिया गया और इनमें से योग्यता के आधार पर चयन कर टोला सेवक के तौर पर नियोजित किया.
मौखिक आदेश पर काम से रोका : पूरे जिले में इसी आधार पर टोला सेवकों नियोजित किये गये और उन्हें मानदेय मिलना भी शुरू हो गया. मधेपुरा, गम्हरिया और शंकरपुर प्रखंड के टोला सेवकों को भी एक मार्च 2011 में नियोजित किया गया. लेकिन एक वर्ष पूरा होते ही इन्हें मौखिक तौर पर काम नहीं करने का आदेश दिया गया और इनका मानदेय भी रोक दिया गया. तब से ये लोग अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं.
लगा रहे अधिकारियों के चक्कर :
परेशानहाल टोला सेवकों ने जब डीएम के जनता दरबार में गुहार लगायी थी तो इन्हें शिक्षा विभाग रेफर कर दिया गया. वर्ष 2014 के नवंबर माह में तत्कालीन डीइओ ने दिनांक 22 नवंबर 2014 पत्रांक 1926 में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं सर्वशिक्षा अभियान को कार्रवाई के लिए लिखा. पत्र में संबंधित तीनों प्रखंड में उत्थान केंद्र संचालन करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई करने कहा. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. ये टोला सेवक अब इस टेबुल से उस टेबुल चक्कर लगा रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




