समाहरणालय पर भाकपा का प्रतिरोध मार्च

Published at :18 Aug 2016 8:10 AM (IST)
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समाहरणालय पर भाकपा का प्रतिरोध मार्च

मधेपुरा : बढती मंहगाई, बेकारी, व्याप्त भ्रष्टाचार, दलितों, अकलितों एवं महिलाओं पर बढते अत्याचार, सार्वजनिक क्षेत्र एवं खुदरा व्यापार में एफडीआई के खिलाफ बुधवार को भाकपा के राष्ट्रव्यापी आहवान पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय पर प्रतिरोधमार्च निकाला, साथ ही प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर जारेबाजी की. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे […]

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मधेपुरा : बढती मंहगाई, बेकारी, व्याप्त भ्रष्टाचार, दलितों, अकलितों एवं महिलाओं पर बढते अत्याचार, सार्वजनिक क्षेत्र एवं खुदरा व्यापार में एफडीआई के खिलाफ बुधवार को भाकपा के राष्ट्रव्यापी आहवान पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय पर प्रतिरोधमार्च निकाला, साथ ही प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर जारेबाजी की. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने समाहरणालय के मुख्य द्वार पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार जन विरोधी एवं तानाशाही है.
देश में असिहष्णुता का वातावरण है. अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म कर देने पर अमादा है. जनतांत्रिक अधिकारों पर हमले हो रहे है. आवश्यक समानों एवं खाद्य पदार्थों की बढती कीमत से लोगों का जीना दूभर हो गया है. भाजपा नेताओं का अश्लील बयान सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार रोजगार रहित विकास की कल्पना कर रही है. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार , मनरेगा, इंदिरा आवास आदि मदों में कटौती कर गरीब जनता को तबाह करने पर तुली है. सरकारी की नीतियों से आम आदमी के अच्छे दिन तो नहीं आये परंतु कॉरपोरेट के अच्छे दिन अवश्य आ गये है.
भाकपा नेता ने अनाज के बदले रूपया देने की फैसला पर घोर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भुखमरी बढेगी. उन्होंने दलित अकलियतों एवं महिलाओं पर बढते अत्याचार, व्याप्त भ्रष्टाचार एवं भीषण महंगाई के विरूद्ध व्यापक आंदोलन चलाने का आहवान किया. भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि कालेधन वापस क्यों नहीं आये. आम जनता के खाते में 15 लाख क्यों नहीं मिला. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जनता के साथ छलावा किया है.
इसके परिणाम उन्हें भुगतना होगा. इस अवसर पर भाकपा के वरीय नेता रमण कुमार, शैलेंद्र कुमार, बीरेंद्र नारायण सिंह, जगत नारायण शर्मा, रामदेव सिंह, उमाकांत सिंह, प्रो ललन कुमार मंडल, मोती सिंह, अंबिका मंडल, बाल किशोर यादव, दिलीप पटेल, बीरेंद्र मेहता, नवीन कुमार, मनोज राम, कृत्यानंद रजक, मो जहागीर, मो सुलेमान, भागवत मंडल, चंद्र देव मंडल, बैनाथ साह, अमरेंद्र सिंह, गणेश सिंह, मोहन सिंह, युवा नेता शंभु क्रांति, सौरभ कुमार, छात्र नेता वसीम उद्दीन उर्फ नन्हें, किसान मजूदर नेता दूकेंद्र यादव, विंदेश्वरी यादव, मोहन पासवान, कृष्णा मुखर्जी, नागेश्वर मेहता, लालबहादुर सिंह आदि नेता शामिल थे.
वहीं नेताओं ने आलमनगर एवं चौसा प्रखंड के सभी बाढ पीड़ितों को राहत एवं मुआवजा शीघ्र मुहैया कराने, भूमिहीनों को परचा देने, परचाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने, वंचित गांवों का विद्युतिकरण करने की मांग जिला प्रशान से की.
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