जानकी एक्सप्रेस से कट कर डेढ़ सौ भेंड़ की मौत

Published at :28 Jul 2016 6:15 AM (IST)
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जानकी एक्सप्रेस से कट कर डेढ़ सौ भेंड़ की मौत

भिरखी पुल से आगे तुनियाही उत्तरबाड़ी रेलवे ट्रैक पर हुआ हादसा अहले सुबह मधेपुरा से सहरसा की ओर जा रही थी जानकी एक्सप्रेस मधेपुरा : बुधवार की अहले सुबह करीब पांच बजे मधेपुरा-सहरसा रेल खंड पर मधेपुरा स्टेशन के निकट ही मधेपुरा से सहरसा जा रही जानकी एक्सप्रेस से कट कर करीब डेढ़ सौ भेंड़ों […]

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भिरखी पुल से आगे तुनियाही उत्तरबाड़ी रेलवे ट्रैक पर हुआ हादसा

अहले सुबह मधेपुरा से सहरसा की ओर जा रही थी जानकी एक्सप्रेस
मधेपुरा : बुधवार की अहले सुबह करीब पांच बजे मधेपुरा-सहरसा रेल खंड पर मधेपुरा स्टेशन के निकट ही मधेपुरा से सहरसा जा रही जानकी एक्सप्रेस से कट कर करीब डेढ़ सौ भेंड़ों की मौत हो गयी. दूर तक पटरी का किनारा भेंड़ों के शव से भर गया. हालांकि, इस हादसे के बाद ट्रेन चली गयी, लेकिन वहां लोगों का जमावड़ा लगा गया. भेंड़ किसके थे और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था, इसका पता नहीं चल सका. समाचार प्रेषण तक भेड़ों का शव पटरी के किनारे ही मौजूद था.
जानकारी के अनुसार मधेपुरा स्टेशन से जानकी एक्सप्रेस सुबह पांच बजे सहरसा के लिए चली. स्टेशन से करीब दो किलोमीटर आगे पटरी पर भेंड़ें बैठी हुई थी. सुबह के धुंधलके में दूर से ट्रेन चालक देख नहीं पाया और जब तक उसने देखा तो गाड़ी को रोकना मुश्किल था. ट्रेन अपनी रफ्तार में ही रही और इस दरम्यान करीब डेढ़ सौ भेंड़ ट्रेन के पहिये के नीचे आ गये.
मरे हुए भेंड़ों पर किसी ने नहीं जताया हक . सुबह घटना स्थल पर मौजूद भिरखी के ही राहुल नाम के व्यक्ति ने बताया कि वह अहले सुबह इन भेड़ों को लेकर मधेपुरा स्थित एक व्यक्ति के पास जा रहा था. अंधेरा होने के कारण गीदड़ का झुंड भेड़ों को निशाना बनाने लगा. इसलिए सभी भेड़ें रेलवे की पटरी पर चढ़ गयी. इतने में ही सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रेन के नीचे ये भेड़ें आ गयी. हालांकि थोड़ी ही देर बाद राहुल नाम का वह व्यक्ति वहां से गायब हो गया. इसके बाद समाचार प्रेषण तक उन भेंड़ों पर मालिकाना हक जताने के लिए कोई नहीं आया.
भेड़ों का शव हटाना भी हुआ मुश्किल . अब इस घटना के बाद पटरी के किनारे पड़े भेड़ों के इन शव को हटाने को लेकर रेलवे के आंतरिक विभागों में भी गेंद कभी इस पाले में तो कभी उस पाले में डाला जाता रहा. स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि सिगनल के बाद घटना हुई है इसलिए यह पीडब्ल्यूआइ की जिम्मेदारी है. वहीं पीडब्ल्यूआइ के अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि वह मधेपुरा-मुरलीगंज रेलखंड में दीनापट्टी हाल्ट के पास सुरसर नदी के बहाव के कारण रेलवे ट्रैक के पास हो रहे कटाव को रोकने के कार्य में लगे हैं. हालांकि भेंड़ के उन शवों को हटाने का निर्देश दे दिया गया है.
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