नहर ओवरफ्लो, किसान रातभर दे रहे पहरा

शंकरपुर : के बेहरारी पंचायत से गुजर रही नहर में हो रहा ओवरफ्लो –चिंताजनक . दर्जनों जगह नहर के ऊपर से हो रहा है पानी का रिसाव — नहर का बांध टूटा तो पकी हुई धान की फसल हो सकती है बरबाद निरंजन, शंकरपुरजिले के शंकरपुर, मुरलीगंज आदि से हो कर गुजरने वाली कुछ नहरों […]
शंकरपुर : के बेहरारी पंचायत से गुजर रही नहर में हो रहा ओवरफ्लो –चिंताजनक . दर्जनों जगह नहर के ऊपर से हो रहा है पानी का रिसाव — नहर का बांध टूटा तो पकी हुई धान की फसल हो सकती है बरबाद निरंजन, शंकरपुरजिले के शंकरपुर, मुरलीगंज आदि से हो कर गुजरने वाली कुछ नहरों में पानी ओवरफ्लो होने के कारण धान की फसल पर संकट मंडरा रहा है.
किसान नहर के किनारों पर अपने स्तर से नजर रख रहे हैं. अगर नहर का बांध टूटा, तो धान की फसल को काफी क्षति होगी. वहीं विभाग को सूचना देने के बाद भी नहर में पानी का प्रवाह बंद नहीं किया जा रहा है. ऐसे में किसानों की नींद उड़ गयी है. शंकरपुर प्रखंड क्षेत्र के किसानों के लिए शंकरपुर वितरणी नहर संकट का सबब बन गया है.
अत्यधिक पानी हो जाने के कारण नहर के उपर से पानी का रिसाव हो रहा है. क्षेत्र के किसानों में काफी डर बना हुआ है कि कहीं नहर का बांध टूट गया तो धान की फसल बरबाद हो जायेगी.– फसल बरबादी की आशंका ने छीनी नींद शंकरपुर वितरणी नहर त्रिवेणीगंज से निकल कर कई गांव जीतपुर, कल्हुआ होते हुए शंकरपुर की ओर जाती है. इस समय नहर में पानी की अधिकता और नहर का किनारा क्षतिग्रस्त होने के कारण बेहरारी पंचायत भवन कल्हुआ से लेकर शंकरपुर तक दर्जनों जगह पानी का रिसाव ऊपर से हो रहा है. दबाव इसी तरह बना रहा तो नहर का बांध टूटना तय है. अगर ऐसा हुआ तो धान की अधिकतर फसल बरबाज हो जायेगी.
इस आशंका किसान रात-रात भर नहर पर पहरा दे रहे हैं.विभाग को सूचना देना बेकार शंकरपुर प्रखंड के कोल्हुआ के किसान अंगद यादव ने बताया कि नहर किनारे के उपर से पानी बहने की सूचना स्थानीय सिंचाई कर्मी के माध्यम से सिंचाई विभाग के एसडीओ और जेई को कई बार दी गयी है. लेकिन नहर में हो रहे अधिक पानी के डिस्चार्ज को कम नहीं किया गया है. न विभाग की ओर से नहर के कमजोर किनारों पर मरम्मत की कोई कवायद ही की जा रही है.
बेहरारी पंचायत के किसान वीरेंद्र मेहता, सदानंद यादव, सुनील मेहता ने बताया कि वैसे ही वर्षा कम होने के कारण धान की फसल कमजोर हो चुकी है. फसल अधिकांश पक चुकी है. अगर नहर का बांध टूट जाता है तो धान की फसल बर्बाद होना तय है. बरबाद होने के बाद किसानों भुखमरी के कगार पर पहुंच जायेंगे. आगामी रबी फसल लगाना भी दुश्वार होगा.मुरलीगंज में भी बना है
खतरा जीतापुर प्रतिनिधि के अनुसार मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत नवटोल गांव के पास नवटोल दुर्गापुर वितरणी नहर में अत्यधिक पानी बढ़ जाने के कारण नहर के दोनों बांध पर पानी चढ़ गया है. तीन दिन पहले ही यह नहर खाड़ी गांव के पास टूट गया था. कई एकड़ में लगी धान की फसल डूब गयी थी. नहर कई जगह क्षतिग्रस्त है.
नहर के बांध पर मिट्टी की जरूरत है. तमौट परसा पंचायत से होकर गुजरने वाली नहर भी असुरक्षित है. यह नहर बेलदौर वाली से रामपटटी के पास गुजरते हुए तमौट परसा, नवटोल, भैरवपटटी, बरियाही, खाड़ी, होकर दुर्गापूर तक जाती है. यहां के किसान भी नहर में पानी के ओवरफ्लो से चिंतित हैं. —– वर्जन — — ‘कनीय अभियंता को भेज कर नहर के पानी को बंद करवाया जा रहा है. जांच कर नहर की मरम्मत करवायी जायेगी.’ – सुमन कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग, मधेपुरा.
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