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15 सितंबर को किऊल नदी के किनारे बने सेंट्रल स्कूल भवन का होगा उद्घाटन

Updated at : 27 Aug 2025 9:31 PM (IST)
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15 सितंबर को किऊल नदी के किनारे बने सेंट्रल स्कूल भवन का होगा उद्घाटन

15 सितंबर को किऊल नदी के किनारे बने सेंट्रल स्कूल भवन का होगा उद्घाटन

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लखीसराय. जिले के लोगों का वर्षों के इंतजार की घड़ी अब समाप्त होने वाली है. वर्षों से सेंट्रल स्कूल का अपना भवन नहीं होने के बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी. पुरानी जगह पर स्पेस की कमी के कारण खेलकूद नहीं होने से भी बच्चे का प्रतिभा कुंठित हो रही थी. इसके साथ ही शिक्षकों को भी रहने एवं विद्यालय आने जाने की चिंता लगी रहती थी. खाने पीने एवं आराम करने के लिए सेंट्रल स्कूल के शिक्षकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. वर्षों बाद हो सही लेकिन अब इंतजार की घड़ी समाप्त हो चुकी है. 15 सितंबर को पूर्णिया में पीएम मोदी के कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन किया जायेगा. इससे पूर्व 30 अगस्त को उद्घाटन की बात कही जा रही है. इसमें केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद राजीव रंजन सिंह, स्थानीय विधायक प्रह्लाद यादव, विधान पार्षद अजय कुमार सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि व जिलाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद होंगे. उद्घाटन के बाद इस साल के अंतिम माह में विद्यालय को नये भवन में शिफ्ट भी कराया जा सकता है.

वर्षों से थी जमीन की तलाश, संकट में आ गया था केंद्रीय विद्यालय का अस्तित्व

1986 के बाद लखीसराय में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हुई. भवन के अभाव में विद्यालय को श्री दुर्गा उच्च विद्यालय के भूतल में स्थानांतरित कर दिया गया. 1994 में जब लखीसराय को जिला घोषित किया गया तो कुछ वर्षों बाद विद्यालय के लिए जमीन की तलाश शुरू की गयी. हलसी, रामगढ़ चौक और सदर प्रखंड क्षेत्र में जमीन की तलाश की गयी, लेकिन बात नहीं बनी. जमीन के अभाव का हवाला देते हुए तत्कालीन सांसद राजो सिंह के संसदीय कार्यकाल में केंद्रीय विद्यालय को शेखपुरा स्थानांतरित करने की बात हुई, लेकिन इसका विरोध हुआ और कहा गया कि लखीसराय में जमीन है. इस कारण केंद्रीय विद्यालय अपनी जगह पर ही रहा. वर्ष 2021 में किऊल नदी के किनारे जमीन की तलाश की गयी. इसकी जमाबंदी शहर के एक नामी व्यक्ति के नाम पर थी. लोग उस पर झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहने लगे थे. जब इसकी जांच शुरू हुई तो वह आम गैर कृषि योग्य जमीन निकली. तत्कालीन सीओ संजय कुमार पंडित द्वारा जमाबंदी रद्द कर उस ज़मीन से अतिक्रमण हटाया गया. जमीन केंद्रीय विद्यालय बोर्ड के नाम लिख दिया गया. इन सभी कार्यों में मुंगेर के तत्कालीन डीएम सह सेवानिवृत्त कमिश्नर संजय कुमार सिंह की अहम भूमिका रही.

31 करोड़ से अधिक राशि से बना विद्यालय भवन में सभी प्रकार की सुविधा

31 करोड़ की अधिक राशि से तैयार केंद्रीय विद्यालय के बिल्डिंग में शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं के अध्ययन, रहने के लिए छात्रावास, खाने की कैंटीन, खेलने का भवन, शिक्षकों एवं प्रिंसिपल के लिए आवास समेत शिक्षक एवं छात्र छात्राओं को सारी सुविधा उपलब्ध कराया गया है. साथ ही सुरक्षा के लिए बगल में थाना भवन भी उपलब्ध है. सभी सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विद्यालय का भवन का निर्माण कराया गया है. केंद्रीय विद्यालय भवन 28 महीने में तैयार किया गया है.

बोले प्राचार्य

प्राचार्य मिहिर कुमार ने बताया कि वे सांसद से अतिथि गृह में मिलकर केंद्रीय विद्यालय भवन का उद्घाटन के बारे में पूछा गया तो उनके द्वारा पूर्णिया में होने वाली कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के उद्घाटन की बात कही है. 15 सितंबर को पीएम का कार्यक्रम तय किया गया है. उद्घाटन के लिए तैयारियां लगभग अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन का पटना और दिल्ली के टीम के द्वारा निरीक्षण भी कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय भवन कुछ निर्माण निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है. जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा, जिसके बाद इसी वर्ष में विद्यालय को नये भवन में शिफ्ट करा दिया जायेगा. विद्यालय भवन निर्माण होने से शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं में हर्ष है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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