मारपीट के दो मामलों में 10 आरोपितों को सजा

Published by : Rajeev Murarai Sinha Sinha Updated At : 27 Jan 2026 7:33 PM

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मारपीट के दो मामलों में 10 आरोपितों को सजा

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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम की अदालत ने सुनवाई पूरी कर दिया निर्णय

लखीसराय. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम राजन कुमार की अदालत ने मंगलवार को दो अलग-अलग मारपीट के मामलों में कुल 10 आरोपितों को सजा सुनायी. इसकी जानकारी अपर लोक अभियोजक हरेराम शर्मा ने दी. उन्होंने बताया कि सूर्यगढ़ा थाना कांड संख्या 283/08 के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने खेमतरनी स्थान निवासी नंद किशोर यादव, सोहन यादव, मदन यादव, नागपाल यादव एवं बबलू यादव को आईपीसी की धारा 307 में 10 वर्ष, धारा 452 में पांच वर्ष, धारा 379 में तीन वर्ष, धारा 504 में दो वर्ष, धारा 323 में एक वर्ष, धारा 337 में छह माह एवं धारा 341 में एक माह की सजा सुनायी है. सभी धाराओं में अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. एपीपी ने बताया कि यह घटना छह अक्तूबर 2008 की है. सूचक सह खेमतरनी स्थान निवासी स्व महावीर यादव के पुत्र रामवरण यादव के अनुसार आरोपित एक केस में गवाही नहीं देने की धमकी देते हुए उनके घर पहुंचे व मारपीट करने लगे. इसी दौरान उनकी चचेरी बहन विद्या देवी के पहुंचने पर आरोपितों ने फरसा से जान मारने की नीयत से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी. बाद में सूचक के भाई कजू यादव के साथ भी जानलेवा हमला किया गया. ग्रामीणों के जुटने पर आरोपित फरार हो गए. मामले में अभियोजन पक्ष से एपीपी हरेराम शर्मा एवं बचाव पक्ष से अधिवक्ता जयशंकर सिंह ने बहस की. वहीं दूसरे मामले सूर्यगढ़ा थाना के मानिकपुर कांड संख्या 44/15 में अदालत ने मिल्की मुस्तफापुर निवासी राजेंद्र सहनी, दिलीप सहनी, वकील सहनी, मुनचुन कुमार एवं सूरज कुमार को आईपीसी की धारा 307/149 में दस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. एपीपी हरेराम शर्मा ने बताया कि इस मामले के सूचक नुनूलाल सहनी के पुत्र विपिन सहनी के अनुसार छह मार्च 2015 को उसके भाई के दोस्त बलराम कुमार एवं धनराज कुमार उनके घर आए थे. उसी दौरान आरोपितों ने गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी. जब सूचक का भाई सौरभ पहुंचा तो उसके साथ मारपीट कर दांत तोड़ दिया. इसके बाद सूचक के पिता नुनूलाल सहनी व परिवार के अन्य सदस्यों पर भी जानलेवा हमला किया गया. मामले में बचाव पक्ष से अधिवक्ता जय किशोर सिन्हा ने पैरवी की.

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