Lakhisarai News : किऊल नदी का अस्थायी रास्ता क्षतिग्रस्त, आवागमन बाधित

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 30 Jun 2024 8:49 PM

विज्ञापन

लोगों को घूम कर आना पड़ेगा नया बाजार

विज्ञापन

लखीसराय.

शनिवार की शाम से हो रही बारिश से लोगों को राहत मिली है. वहीं किऊल नदी में पानी आ जाने के बाद उसमें बना अस्थायी रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है. इससे आवागमन बाधित हो गया है. लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी. पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण लोग काफी परेशान थे. भीषण गर्मी के कारण लोग बीमार भी पड़ रहे थे. शनिवार की शाम से बारिश शुरू हुई व रविवार की सुबह तक बारिश होने के कारण खेतों में नमी आयी. वहीं लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत भी मिली. रविवार को पूरे दिन बादलों से आसमान ढका रहा. रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण लोगों को काफी राहत मिल रही थी. वहीं कई किसान द्वारा बिचड़ा गिराने की भी तैयारी शुरू कर दी गयी. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 2-4 दिन लगातार बारिश होने की संभावना जतायी गयी है. किसान अपने-अपने खेत में पंपसेट आदि से पानी जमा करने की जुगाड़ में लग चुके हैं. वहीं बारिश हो जाने के कारण शहर के कई मोहल्ले में जलजमाव की भी स्थिति उत्पन्न हो गयी है. रविवार को लोगों को पूरे दिन जलजमाव से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

किऊल नदी का अस्थायी रास्ता हुआ क्षतिग्रस्त, आवागमन बाधित

साल 2023 में दुर्गा पूजा से पहले किऊल व लखीसराय के बीच किऊल नदी में स्थानीय लोगों द्वारा आवागमन को लेकर अस्थायी रास्ता का निर्माण किया गया था. इससे लोगों का आवागमन सुलभ हो गया था. अब मॉनसून की पहली बारिश में ही यह अस्थायी रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया. जिसके चलते लोगों की आवाजाही बंद हो गयी. शनिवार की पूरी रात बारिश होने के कारण किऊल नदी में पानी आ चुका है. इससे अस्थायी रास्ता टूट गया. लोगों को अब विद्यापीठ चौक होकर नया बाजार आना पड़ेगा. रेलवे पुल का रास्ता संकीर्ण होने के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है. अस्थायी रास्ता टूट जाने के कारण सबसे अधिक खगौर व चानन के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है.

किऊल नदी में पानी आ जाने से जलस्तर बढ़ने की संभावना

मॉनसून की पहली बारिश में ही किऊल नदी में पानी आ जाने से जलस्तर बढ़ने की पूरी संभावना बनी है. चापाकल, सबमर्सिबल व बोरिंग आदि से अब पानी की अधिक आने की संभावनाहुई है. पिछले चार माह से बारिश नहीं होने के कारण किऊल नदी में धूल व बालू उड़ रहे थे. वहीं जलस्तर भी काफी नीचे चला गया था. कई जगहों पर चापाकल से पानी आना भी बंद हो चुका था. वहीं सबमर्सिबल से पानी भी कम आ रहा था. पेयजल की समस्या शहर से लेकर गांव तक बनी हुई थी. लेकिन नदी में पानी आ जाने के कारण जल स्तर अपनी जगह पर आया है. चापाकल व सबमर्सिबल में पानी आने की संभावना बनी हुई है. इससे लोगों में खुशी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन