अशोक धाम हादसा: जांच समिति आज सौंपेगी रिपोर्ट, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Updated:
विज्ञापन

अशोक धाम

अशोक धाम में सावन की तीसरी सोमवारी को हुई भीषण भगदड़ की जांच रिपोर्ट आज जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी. इस रिपोर्ट से हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होगी.

विज्ञापन

Lakhisarai News: श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोक धाम में सावन की तीसरी सोमवारी को हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना की जांच पूरी हो गयी है. तीन सदस्यीय जांच समिति बुधवार को अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार को सौंपेगी. रिपोर्ट सामने आने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी या आयोजकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है.

सावन की सोमवारी पर मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच हुई भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गयी थी, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे. घटना के बाद मंदिर परिसर से लेकर प्रशासनिक महकमे तक हड़कंप मच गया था. हादसे की गंभीरता को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर कई सवाल उठे थे.

उच्चस्तरीय जांच के लिए बनी थी तीन सदस्यीय समिति

घटना के बाद घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा और डीआईजी राकेश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिये थे.

इसके बाद एडीएम नीरज कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गयी. समिति में एसडीओ प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार को भी शामिल किया गया.

भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हुई पड़ताल

जांच टीम ने हादसे के संभावित कारणों की पड़ताल की. मंदिर परिसर में उस समय मौजूद भीड़, श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा इंतजाम और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जानकारी जुटायी गयी.

इसके साथ ही यह भी देखा गया कि घटना के दौरान प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोगों की तैयारियां पर्याप्त थीं या नहीं. हादसे से पहले और घटना के दौरान किस स्तर पर चूक हुई, इसकी भी जांच की गयी.

बुधवार को सामने आ सकती है जवाबदेही

जांच समिति की रिपोर्ट बुधवार को जिलाधिकारी को सौंपी जायेगी. रिपोर्ट में हादसे के कारणों के साथ-साथ जिम्मेदारी तय करने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु भी सामने आने की उम्मीद है.

प्रशासन की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी या आयोजक दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी.

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

अशोक धाम में हुई घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये हैं. सावन जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में प्रवेश और निकास व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती, आपातकालीन रास्ते और भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.

अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि अशोक धाम में हादसे की वजह क्या रही और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए प्रशासन को किन स्तरों पर सुधार करने की जरूरत है.

Lakhisarai News: शीर्ष नेताओं ने जताया था दुख

हादसे के बाद प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री सहित देशभर के शीर्ष नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया था. सात महिला श्रद्धालुओं की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था.

अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है. रिपोर्ट सामने आने के बाद यह पता चलेगा कि हादसे के लिए किस स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार रही और दोषियों के खिलाफ प्रशासन क्या कदम उठाता है.

Also Read: अक्टूबर से फिर बिहार के लोगों के बीच जाएंगे नीतीश कुमार? संजय झा से मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी हलचल

Also Read: पटना नगर निगम ने अपने ही मेयर को थमाया नोटिस, 26 हजार आवासीय संपत्तियों पर सीलिंग का खतरा



विज्ञापन
राजेश कुमार

लेखक के बारे में

By राजेश कुमार

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन