सीमित संसाधनों के बीच बड़ी उड़ान, बड़हिया की इच्छा जोशी का दिल्ली के स्कूल ऑफ लॉ में चयन
सीमित संसाधन, बड़े हौसले : बड़हिया की इच्छा जोशी का दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में लॉ में चयन | Prabhat Khabar Network
लखीसराय की इच्छा जोशी ने सीमित संसाधनों के बावजूद दिल्ली के प्रतिष्ठित स्कूल ऑफ लॉ में जगह बनाई है. उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कोई भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. जानें उनकी सफलता की पूरी कहानी.
Lakhisarai News: बड़े सपने देखने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती. अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे, तो सीमित सुविधाओं के बीच भी सफलता का रास्ता निकाला जा सकता है. बड़हिया नगर के वार्ड संख्या 15, गणेश मंदिर निवासी इच्छा जोशी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यही साबित किया है.
सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए इच्छा का चयन दिल्ली के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ में विधि की पढ़ाई के लिए हुआ है. उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ बड़हिया के लोगों में भी खुशी है.
सीबीएसई से शुरू हुआ पढ़ाई का सफर
इच्छा जोशी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से पूरी की. इसके बाद उन्होंने लखीसराय स्थित एसबीएस प्लस टू हाई स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की.
इंटरमीडिएट की परीक्षा में इच्छा ने 375 अंक हासिल किये. इसके बाद उन्होंने कानून के क्षेत्र में आगे बढ़ने का लक्ष्य तय किया और दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए CUET-UG परीक्षा की तैयारी शुरू की.
CUET-UG में मेहनत ने दिलाया मुकाम
दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई का सपना आसान नहीं था. इच्छा ने CUET-UG के लिए लगातार मेहनत की और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया.
उनकी मेहनत का परिणाम दाखिले के रूप में सामने आया. बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली.
85% सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित
इच्छा की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि विश्वविद्यालय में 85 प्रतिशत सीटें दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं. ऐसे में दूसरे राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या सीमित रहती है.
इच्छा ने इन्हीं सीमित अवसरों के बीच अपनी जगह बनायी. यह उपलब्धि उनकी मेहनत और प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है.
इच्छा अपनी सफलता को दृढ़ निश्चय, लगातार मेहनत और संघर्ष का परिणाम मानती हैं.
न्यायपालिका में जाने का सपना
कानून की पढ़ाई के साथ इच्छा का लक्ष्य भी स्पष्ट है. वह भविष्य में न्यायपालिका के क्षेत्र में जाना चाहती हैं.
उनका सपना न्यायिक सेवा में शामिल होकर समाज और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में काम करना है. इसके लिए वह आगे की पढ़ाई और तैयारी को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाने की योजना बना रही हैं.
पिता, बहन और शिक्षक को दिया सफलता का श्रेय
इच्छा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता शंभू जोशी, बड़ी बहन मुस्कान जोशी और अपने शिक्षक अमन सर को दिया है.
उनका कहना है कि इन लोगों ने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया. कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारने दी और आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया.
परिवार के लिए भी इच्छा की यह सफलता गर्व का क्षण है. सीमित संसाधनों के बीच दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में दाखिला हासिल करना परिवार के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
Lakhisarai News: छोटे शहर से बड़ा सपना देखने वालों के लिए मिसाल
इच्छा जोशी की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों या सीमित संसाधनों के बीच रहकर बड़े संस्थानों में पढ़ाई करने का सपना देखते हैं.
उनकी सफलता यह दिखाती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए संसाधनों से ज्यादा जरूरी निरंतर मेहनत, सही दिशा और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता है.
अब इच्छा के सामने कानून की पढ़ाई पूरी करने और न्यायिक सेवा की तैयारी का नया सफर है. बड़हिया की इस बेटी ने पहला बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है और अब उनकी नजर अपने अगले लक्ष्य पर है.
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लेखक के बारे में
By राजीव मुरारी सिन्हा
राजीव मुरारी सिन्हा लखीसराय में प्रिंट माध्यम में 23 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के लखीसराय कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.
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