लखीसराय में जेठ की दुपहरिया जैसी पड़ रही गर्मी, पेड़ों की छांव में राहत खोज रहे लोग
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 23 May 2026 1:45 PM
बिजली नहीं रहने की वजह से पेड़ की छांव मे बैठे लोग
Heatwave in Lakhisarai: लखीसराय में 41 डिग्री तापमान और चिलचिलाती धूप ने बढ़ाई मुश्किलें, बिजली जाते ही गांवों में पेड़ों के नीचे जुट रहे लोग
Heatwave in Lakhisarai: लखीसराय से अजीत सिंह की रिपोर्ट. लखीसराय जिले में पड़ रही भीषण गर्मी लोगों को पुराने जमाने की जेठ की दुपहरिया की याद दिला रही है. तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान लोगों का जीना दुश्वार कर रहा है. शनिवार को दोपहर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी. हालात ऐसे हैं कि बिजली गुल होते ही लोग राहत पाने के लिए पेड़ों की छांव का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं.
जेठ की तपिश ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
शनिवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्मी का असर दिखने लगा था. दोपहर होते-होते हालात इतने खराब हो गए कि लोग घरों से निकलने से बचने लगे. पंखा, कूलर और एसी भी गर्मी के आगे बेअसर नजर आने लगे.
गांव-देहात में बिजली कटते ही लोग आम, पीपल और बरगद जैसे घने पेड़ों के नीचे बैठकर राहत पाने की कोशिश करते दिखे. कई जगहों पर लोग पेड़ों की छांव में बैठकर बातचीत करते नजर आए.
रोहिणी नक्षत्र के प्रवेश के साथ और बढ़ेगी गर्मी
मौसम और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार 25 मई से रोहिणी नक्षत्र का प्रवेश होने वाला है. माना जाता है कि रोहिणी के तपने के बाद अच्छी बारिश होती है, जिससे खरीफ फसलों को फायदा मिलता है.
किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी और रोहिणी की तपिश के बाद समय पर बारिश होने की उम्मीद बढ़ जाती है. जिले के चानन, हलसी, सूर्यगढ़ा और रामगढ़ चौक जैसे क्षेत्रों में धान की खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर करती है.
दोपहर में सूनी पड़ने लगी सड़कें
भीषण गर्मी का असर शहर और गांव दोनों जगह साफ दिख रहा है. दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग खाली नजर आने लगी हैं. लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.
कार्यालयों में भी कर्मचारी पंखों और कूलर के सहारे राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बिजली कटौती परेशानी बढ़ा रही है.
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
भगवान महावीर मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक डॉ. ऋषिकेश ने लोगों को धूप और लू से बचने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग दोपहर में बाहर निकलने से बचें.
डॉक्टरों ने आम का शरबत, लस्सी, दही, तरबूज और पर्याप्त पानी का सेवन करने की सलाह दी है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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