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कौशल विकास को लेकर किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

Updated at : 16 Sep 2024 9:18 PM (IST)
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कौशल विकास को लेकर किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

वर्मी कंपोस्ट प्रोड्यूसर व एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस प्रोवाइडर का मिलेगा प्रमाण पत्र

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लखीसराय.

उन्नत खेती कुशल प्रबंधन को लेकर किसानों के कौशल विकास आरपीएल योजना के तहत आत्मा द्वारा 120 किसानों को इस वित्तीय वर्ष में प्रशिक्षित करने की योजना तैयार की गयी है. आरपीएल रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग पूर्व शिक्षा की मान्यता, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का एक कौशल प्रमाणक घटक है. किसी व्यक्ति के कैरियर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने के लिए वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है. इसके तहत वर्मी कंपोस्ट प्रोड्यूसर एवं एग्रीकल्चर सर्विस प्रोवाइडर विषय पर दो-दो बैच का लक्ष्य प्रदान किया गया है. डीएओ सह आत्मा के परियोजना निदेशक सुबोध कुमार सुधांशु से मिली जानकारी के अनुसार, आत्मा को वित्तीय वर्ष 2024-2025 में कौशल विकास मिशन योजना अंतर्गत चार भौतिक लक्ष्य प्रदान किया गया है. इसके लिए दो विषय का निर्धारण किया गया है. इसमें वर्मी कंपोस्ट प्रोड्यूसर तथा एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस प्रोवाइडर को रखा गया है. इन दोनों विषय पर 30 किसानों का दो बैच अर्थात दोनों विषय पर दो-दो बैच इस तरह 120 किसानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण आत्मा को प्रदान किया गया है. यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 70 घंटा का होगा. प्रतिदिन सात घंटा प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षणार्थियों को आवश्यक सामग्री भोजन, नास्ता, चाय समेत व्यवस्था की जिम्मेदारी भी आत्मा को सौंपी गयी है.

प्रमाण पत्र से वित्तीय सहायता होगी सुलभ

सात घंटे प्रतिदिन प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग सत्र में अलग-अलग विषय के कृषि वैज्ञानिक, वस्तु विशेष विशेषज्ञ पदाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा. जिसमें डीएओ, सहायक निदेशक उद्यान, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण, कृषि वैज्ञानिक आदि शामिल रहेंगे. बताया गया कि वर्मी कंपोस्ट प्रोड्यूसर का कार्य इस जिले के काफी किसान कर रहे हैं. जबकि एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस प्रोवाइडर अर्थात कृषि विस्तार सेवाओं का मतलब है किसानों को कृषि से जुड़ी तकनीकों और कौशल की जानकारी उपलब्ध कराना. इससे उनकी कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी. खेती की नयी खोज नयी तकनीक की जानकारी दी जायेगी. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एक बैच के लिए 30 प्रशिक्षणार्थियों की आवश्यकता होगी. वैसे कृषक जो अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य रहे हैं, परंतु बेहतर कार्य का कोई प्रमाण पत्र नहीं है. प्रमाण पत्र के वजह से बैंक से वित्तीय सहायता मिलने में परेशानी होती है या अन्य स्वरोजगार के क्षेत्र में मान्यता प्रदान नहीं किया जाता है, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है. इस प्रशिक्षण प्राप्त मान्यता प्रमाण पत्र मिलने के उपरांत इन समस्याओं का समाधान हो जायेगा. आत्मा के लेखापाल पंकज पांडेय ने निबंधन को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित इस आरपीएल योजना में दक्ष किसानों को वस्तु विशेषज्ञ के माध्यम से प्रशिक्षित कर स्किल प्रदान कर उनके क्षेत्र में और निपुण बनाया जायेगा. विभागीय प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जायेगा.

आज से कराएं रजिस्ट्रेशन

इस प्रशिक्षण में भाग लेने हेतु सर्वप्रथम निबंधन कराना आवश्यक है. मंगलवार से ही जिला कृषि कार्यालय में निबंधन को लेकर संपर्क किया जा सकता है. निबंधन के लिए मैट्रिक का अंक पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो तथा बैंक पास बुक की आवश्यकता पड़ेगी. उम्र सीमा 18-40 वर्ष रखा गया है. प्रशिक्षण को लेकर सभी प्रमाण पत्र की छाया प्रति जमा करनी होगी. जबकि पहले आओ और पहले पाओ का नियम संधारित किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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