जिले के सांस्कृतिक व धार्मिक स्थल गौरवशाली विरासत के हैं प्रतीक: डीएम

Published by : Rajeev Murarai Sinha Sinha Updated At : 27 Feb 2026 12:05 AM

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जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में “ज्ञान भारतम् परियोजना” के अंतर्गत समाहरणालय लखीसराय स्थित मंत्रणा कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी

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“ज्ञान भारतम् परियोजना” को लेकर जिलाधिकारी ने पिपरिया एवं बड़हिया प्रखंड के जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक जिले की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी मिलेगा बढ़ावा लखीसराय. जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में “ज्ञान भारतम् परियोजना” के अंतर्गत समाहरणालय लखीसराय स्थित मंत्रणा कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक का आयोजन दो सत्रों में किया गया. पूर्वाह्न सत्र में रामगढ़ चौक एवं हलसी प्रखंड तथा अपराह्न सत्र में पिपरिया एवं बड़हिया प्रखंड के मुखिया, जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गयी. बैठक का उद्देश्य जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहरों के संरक्षण, अभिलेखीकरण एवं प्रलेखन हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करना था. जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में अनेक ऐतिहासिक धरोहरें, प्राचीन अभिलेख, पांडुलिपियां, ताम्रपत्र, हस्तलिखित दस्तावेज, कागज पर लिखित सामग्री, मठ-मंदिर, ठाकुरबारी, मस्जिद, शिवालय, तालाब, धर्मशाला तथा अन्य सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थल विद्यमान हैं, जो जिले की गौरवशाली विरासत के प्रतीक हैं. इन सभी स्थलों एवं दस्तावेजों की पंचायतवार सूची तैयार कर उनका व्यवस्थित फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से दस्तावेजीकरण किया जायेगा. तत्पश्चात इनका संकलन कर एक पुस्तक के रूप में संधारित किया जायेगा, ताकि भावी पीढ़ियों के लिए जिले की ऐतिहासिक पहचान संरक्षित रह सके. बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी साझा की. इनमें प्राचीन शिवलिंग, दुर्गा मंदिर, काली मंदिर, पंचमुखी मंदिर, ठाकुरबाड़ी, देवरिया स्थान, सत्संडा पहाड़, धर्मशाला तथा अन्य धार्मिक धरोहरों का उल्लेख प्रमुख रूप से किया गया. कई स्थानों पर उपलब्ध प्राचीन ताम्रपत्र एवं हस्तलिखित अभिलेखों की जानकारी भी साझा की गयी, जिन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया. जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध ऐतिहासिक धरोहरों की प्रामाणिक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराये, ताकि परियोजना के तहत समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने कहा कि यह पहल जिले की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा देगी. बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी विस्तृत जानकारी दी गयी. उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत आम नागरिकों को सौर ऊर्जा के माध्यम से मुफ्त बिजली का लाभ प्रदान किया जा रहा है. जनप्रतिनिधियों से अपील की गयी कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिकाधिक पात्र लाभुक योजना से जुड़ सकें और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा सकें. इसके अतिरिक्त, प्रत्येक पंचायत में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु खेल क्लबों के गठन की जानकारी भी साझा की गयी. जिलाधिकारी ने बताया कि हर पंचायत में एक खेल क्लब का गठन किया गया है तथा उसके लिए खेल मैदान की उपलब्धता, खेल शिक्षक की व्यवस्था एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की चर्चा की गयी. मौके पर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, मुखिया, जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव एवं अन्य उपस्थित रहे.

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