आरा: भगवान को अर्पित पूजा सामग्री कूड़े के ढेर में फेंके जाने से श्रद्धालुओं में नाराजगी
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 10 Jun 2026 7:54 AM
कचरे में फेंका हुआ फूल व अन्य पूजा सामग्री.
Arrah News : महावीर मंदिर परिसर में फूल-माला, तुलसी दल, पत्ते एवं अन्य पूजन सामग्री को ऐसे स्थान पर डाला जा रहा है जहां पहले से ही कचरे का ढेर लगा हुआ है.
आरा से आशुतोष पाण्डेय की रिपोर्ट
Arrah News : धार्मिक आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले रमना मैदान स्थित महावीर मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि मंदिर में भगवान को अर्पित की गई पूजा सामग्री का सम्मानजनक निस्तारण करने के बजाय उसे कूड़े-कचरे के ढेर में फेंका जा रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर परिसर में फूल-माला, तुलसी दल, पत्ते एवं अन्य पूजन सामग्री को ऐसे स्थान पर डाला जा रहा है जहां पहले से ही कचरे का ढेर लगा हुआ है.
श्रद्धालुओं में आक्रोश
श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान को अर्पित की गई सामग्री केवल कचरा नहीं होती, बल्कि वह धार्मिक आस्था और सम्मान का प्रतीक होती है. ऐसे में उसे सामान्य गंदगी के साथ फेंकना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है. लोगों ने मांग की है कि पूजा सामग्री के लिए अलग संग्रहण और सम्मानजनक निस्तारण की व्यवस्था की जाए.
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मंदिर प्रशासन से अपील की है कि पूजा सामग्री और सामान्य कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था तत्काल की जाए. साथ ही जैविक और अजैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, नियमित सफाई और समुचित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
लोगों का कहना है कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि धार्मिक अनुशासन और स्वच्छता का भी प्रतीक होना चाहिए.
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. श्रद्धालु पूछ रहे हैं कि पूजा सामग्री के सम्मानजनक निस्तारण की अलग व्यवस्था क्यों नहीं की गई है और क्या मंदिर प्रशासन इस स्थिति से अनभिज्ञ है या लंबे समय से इसकी अनदेखी हो रही है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं. उनका कहना है कि केवल इस मंदिर ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी पूजा सामग्री के उचित निस्तारण की व्यवस्था जरूरी है.
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
श्रद्धालुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड, भोजपुर जिला प्रशासन और आरा नगर निगम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि धार्मिक आस्था से जुड़ी सामग्री का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके और मंदिर परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाया जा सके.
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