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पुस्तकें हमें शक्ति प्रदान करती है, इसका उपयोग विश्व के कल्याण के लिए हो : राज्यपाल

Updated at : 18 Aug 2025 9:14 PM (IST)
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पुस्तकें हमें शक्ति प्रदान करती है, इसका उपयोग विश्व के कल्याण के लिए हो : राज्यपाल

पुस्तकें हमें शक्ति प्रदान करती है, इसका उपयोग विश्व के कल्याण के लिए हो : राज्यपाल

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लखीसराय. जिले के बड़हिया नगर स्थित श्री जगदंबा हिंदी पुस्तकालय के शताब्दी वर्ष का सोमवार को भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया. इस अवसर पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पुस्तकालय की स्मारिका “शताब्दी दर्पण” का लोकार्पण किया. समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान और मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई. मौके पर राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रो संजय कुमार सिंह, डीएम मिथिलेश मिश्र, एसपी अजय कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, डीटीओ मुकुल पंकज मणि, एसडीओ प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद, डीआरडीए निदेशक नीरज कुमार, निदेशक एनआरपी नीरज आनंद, बीडीओ प्रतीक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पुस्तकों और ज्ञान के प्रति अपने गहरे लगाव को साझा करते हुए कहा कि पुस्तकें उनके बचपन से ही उन्हें सम्मोहित करती रही हैं. उन्होंने बताया कि यह पुस्तकालय सौ वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना उस समय हुई थी जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था. यह पुस्तकालय स्वतंत्रता संग्राम के समय स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का केंद्र रहा. राज्यपाल ने कहा, “भारत ने हमेशा विश्व को ज्ञान का मार्ग दिखाया है. पुस्तकें हमें शक्ति प्रदान करती हैं, और इस शक्ति का उपयोग केवल व्यक्तिगत कल्याण के लिए नहीं बल्कि समाज और विश्व के कल्याण के लिए होना चाहिए. ज्ञान की परंपरा को जीवित रखना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है और यह कभी व्यर्थ नहीं जाना चाहिये.” इस अवसर पर स्मारिका “शताब्दी दर्पण” का लोकार्पण पुस्तकालय की सौ वर्षों की यात्रा और योगदान को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण क्षण रहा. प्रो संजय कुमार सिंह ने पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार चिड़िया के पंख उसे पूरी दुनिया की सैर कराते हैं, उसी प्रकार पुस्तकें मनुष्य की कल्पनाशक्ति को नया आकार देती हैं. यह पुस्तकालय ज्ञान और संस्कृति का प्रतीक है. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पुस्तकें सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक होती हैं. इनके माध्यम से न केवल ज्ञान का प्रसार होता है, बल्कि समाज में नए विचारों और प्रेरणाओं का सृजन भी होता है. उन्होंने पुस्तकालय की ऐतिहासिक भूमिका की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक अमूल्य धरोहर बताया. समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों ने पुस्तकालय के ऐतिहासिक महत्व और इसके सामाजिक योगदान की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल पुस्तकालय की गौरवशाली विरासत का उत्सव था, बल्कि समाज में ज्ञान और संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है. कार्यक्रम का समापन अतिथियों और उपस्थित नागरिकों द्वारा पुस्तकालय के योगदान की सराहना और शुभकामनाओं के साथ हुआ.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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