हालात जस की तस. पांच प्रखंडों का पानी आर्सेनिकयुक्त

Published at :17 Apr 2016 6:41 AM (IST)
विज्ञापन
हालात जस की तस. पांच प्रखंडों का पानी आर्सेनिकयुक्त

लोग पानी के बदले पी रहे जहर एकमात्र कर्मी रसायनज्ञ के पद पर कार्यरत जल जांच प्रयोगशाला में कर्मियों की किल्लत लखीसराय : राज्य सरकार द्वारा आम लोगों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराने के लिये प्रत्येक जिला में जल जांच प्रयोगशाला स्थापित किया गया है. लेकिन उक्त प्रयोगशाला में स्वीकृत पदों पर नियुक्ति नहीं […]

विज्ञापन

लोग पानी के बदले पी रहे जहर

एकमात्र कर्मी रसायनज्ञ के पद पर कार्यरत
जल जांच प्रयोगशाला में कर्मियों की किल्लत
लखीसराय : राज्य सरकार द्वारा आम लोगों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराने के लिये प्रत्येक जिला में जल जांच प्रयोगशाला स्थापित किया गया है. लेकिन उक्त प्रयोगशाला में स्वीकृत पदों पर नियुक्ति नहीं होने के कारण जांच प्रयोगशाला में रसायनज्ञ के पद कार्यरत एकमात्र कर्मी को सभी कार्य खुद करना पड़ रहा है. जबकि नियमत: अकेले व्यक्ति को प्रयोगशाला जांच नहीं करनी है.
क्योंकि केमिकल द्वारा कार्य के निष्पादन में दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है. बताते चलें कि लखीसराय जिला जल जांच प्रयोगशाला में राज्य सरकार ने कुल आठ पद स्वीकृत किये हैं. जिसमें फिलहाल रसायनज्ञ के पद पर कार्यरत एकमात्र कर्मी विजय कुमार के अलावे किसी भी पद पर कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हुई है. इससे जांच प्रयोगशाला का कार्य प्रभावित हो रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला
जल जांच प्रयोगशाला में कुल आठ पद सृजित हैं. जिसमें से रसानायज्ञ के लिये एक, मइक्रो बायोलिजिस्ट पद के लिये एक, प्रयोगशाला सहायक के लिये दो पद, लैब अटैंड के लिये एक पद, डाटा इंट्री आॅपरेटर का एक पद व सैम्पल असिस्टेंट के लिये दो पद स्वीकृत हैं. इन सभी पदों में से मात्र एक पद रसानायज्ञ पद पर विजय कुमार कार्य रहे हैं. जिनके द्वारा जिला जांच प्रयोगशाला सफाई से हर तरह का कार्य संपादित किया जा रहा हैं. जिससे पानी जांच में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
लोगों को स्वच्छ व शुद्ध पेयजल मुहैया कराना जिला प्रशासन के लिये एक बड़ी चुनौती है. लगातार प्रयास के बावजूद इस दिशा में आशातीत सफलता नहीं मिल पायी है. जिले के अधिकांश क्षेत्र का पानी आयरनयुक्त है. इनमें से पांच प्रखंडों का पानी आर्सेनिकयुक्त है. जिसके सेवन से लोग बीमार हो रहे हैं.
लखीसराय : लखीसराय जिले के पांच प्रखंड अर्सेनिक से प्रभावित बताया जा रहा है. जबकि आयरन से लगभग संपूर्ण जिला प्रभावित है. पीएचइडी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा इनवायरोटेक इस्ट प्राइवेट लिमिटेड कोलकता के द्वारा विगत वर्ष जिले के सभी प्रखंडों में अर्सेनिक व आयरन की जांच करायी गयी थी.
इसमें सूर्यगढ़ा, पिपरिया, चानन, लखीसराय व बड़हिया प्रखंड में केंद्र द्वारा मानक स्तर 0.01 प्रति लीटर से अधिक आर्सेनिक पाया गया जो स्वास्थ्य के लिये हानिकारक बताया गया है. वहीं पानी में आयरन की मात्रा 0.03 प्रति लीटर से अधिक को स्वास्थ्य के लिये हानिकारक होता है. पूरे जिले में आयरन की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक है. जानकारी के अनुसार जिले के वैसे गांव व टोले अर्सेनिक से प्रभावित हैं जो गंगा व अन्य नदियों के दस किलोमीटर के दायरे में आते हैं. पीएचइडी के सहायक अभियंता पवन कुमार की मानें तो अधिकांश जगहों पर गंगा व अन्य नदियों के किनारे वाले गांव में जांच के बाद यह तथ्य सामने आया है कि उक्त गांव व टाले अर्सेनिक से प्रभावित हैं.
लखीसराय जिला के भी बड़हिया व पिपरीया, चानन, सूर्यगढ़ा व लखीसराय का कुछ इलाका इससे प्रभावित है. उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जहां पहले 0.05 से अधिक क्षेत्र वाले का अर्सेनिक क्षेत्र घोषित किया गया था अब वहीं इसे घटाकर 0.01 कर दिया गया है. जिस कारण लखीसराय जिले में भी अर्सेनिक का प्रभाव पड़ा है. इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता शिव रंजन कुमार उर्फ लाला बाबू ने बताया कि पीएचइडी विभाग के द्वारा उनके चापाकल की जांच की गयी थी जिसमें मानक मात्रा से अधिक आर्सेनिक पाया गया.
उन्होंने बताया कि अर्सेनिक के साथ साथ पानी में आयरन की भी मात्रा अधिक है. जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. जांच के बाद पीएचइडी विभाग द्वारा विभिन्न जगहों पर 11 अर्सेनिक मिनी रिमूवल प्लांट लगाये गये हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जिला जल जांच प्रयोगशाला में अपने चापाकल या अन्य श्रोत से प्राप्त पानी का जांच करा सकते हैं.
कुआं का पानी अर्सेनिक से मुक्त होता है. अर्सेनिक व आयरन युक्त पानी के लगातार सेवन से शरीर पर काफी घातक प्रभाव पड़ता है. अर्सेनिक से त्वचा का कैंसर भी हो सकता है जबकि आयरन युक्त पानी के निरंतर सेवन से हिमोक्रोमेटोसिस बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है. वहीं फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से फ्लोरोसिस बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन