सूखा कुआं, चापाकल फेल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Apr 2016 9:02 AM (IST)
विज्ञापन

अप्रैल माह की शुरुआत में ही पिछले वर्ष के अधिकतम गिरावट को जल-स्तर छूने लगा है. चैत माह का यह आलम तो जेठ माह में जिला प्रशासन कैसे जलसंकट से निबटेगी. इस समय प्रशासन की तैयारी कागजों तक ही सिमटी है. लखीसराय : भूमिगत जल-स्तर में तेजी से गिरावट होने की वजह से समस्या उत्पन्न […]
विज्ञापन
अप्रैल माह की शुरुआत में ही पिछले वर्ष के अधिकतम गिरावट को जल-स्तर छूने लगा है. चैत माह का यह आलम तो जेठ माह में जिला प्रशासन कैसे जलसंकट से निबटेगी. इस समय प्रशासन की तैयारी कागजों तक ही सिमटी है.
लखीसराय : भूमिगत जल-स्तर में तेजी से गिरावट होने की वजह से समस्या उत्पन्न होने लगी है. चापाकल फेल होने लगा है. चापाकलों से मुश्किल से पानी निकल रहा है. पिछले एक माह में जिले में जल-स्तर में दो से ढाई फीट तक गिरावट हुई है. पीएचइडी विभाग के सहायक अभियंता पवन कुमार के मुताबिक पिछले वर्ष जिले में सर्वाधिक जल-स्तर में गिरावट 27.5 फीट दर्ज की गयी थी. लेकिन इस वर्ष जल-स्तर में अप्रत्याशित गिरावट आयी है. एक सप्ताह पूर्व सूर्यगढ़ा प्रखंड के बुधौली बनकर पंचायत के मंझीयावां में जल-स्तर में आई गिरावट इस आंकड़ा को छू गया. अभी बैशाख व जेठ का महीना बाकी है. जल-स्तर में गिरावट के इधर जिले के पहाड़ी इलाके में चापाकल ने पानी देना कम कर दिया है. कुआं का पानी भी पाताल पहुंच रहा है. इससे खासकर सूर्यगढ़ा प्रखंड में बुधौली बनकर, उरैन आदि पंचायत के दर्जनों गांव मे जलसंकट की समस्या गंभीर होने लगी है. चानन के कई गांव में लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं.
गजियागढ़ी महादलित टोला व गोबरधोबा कोरासी में लोग एक-डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाते हैं. जानकीडीह बेलदरिया, कुंदर, गोपालपुर, बांसकुंड कोरासी, महजनमा कोरासी, कछुआ कोरासी, चेहरॉन कोरासी, मननपुर, जानकीडीह बेलदरिया, धनबह बेलदरिया, धरमपुर नगरदार, मलिया बतसपुर आदि गांव में जल-स्तर गिरने की वजह से कुआं सूखने के कगार पर है. कुआं में पानी जमा होने पर ही लोग पानी ले पाते हैं. सतधरवा कोरासी में एक जर्जर कुआं है जिसका पानी भी पाताल चला गया. 40 परिवार पानी के लिए इस कुआं पर निर्भर हैं.
पिछले वर्ष टैंकर से नहीं हो पायी थी जलापूर्ति
प्रति वर्ष पहाड़ी इलाके में पानी की किल्लत होती है. विभाग यहां व्यवस्था को पटरी पर लाने में पूरी तरह अक्षम रहा है. पिछले वर्ष इन इलाके में टैंकर द्वारा जलापूर्ति भी नहीं हो पायी. लोग पानी के लिए भटकते रहे.
क्या कहते हैं अधिकारी
पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार कहते हैं कि जल-स्तर में तीव्र गति से हुई गिरावट चिंता का विषय है. 17 अप्रैल से सूर्यगढ़ा प्रखंड के बुधौली बनकर व उरैन पंचायत में टेंकर से जलापूर्ति की व्यवस्था चालू की जायेगी. इसके लिए विभाग के पास सात टेंकर उपलब्ध हैं. पिछले वर्ष इस कार्य में थोड़ी परेशानी हुई थी जिसकी वजह से कुछ समय ही पानी का टेंकर भेजा जा सका.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










