घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता को लेकर कार्यशाला का आयोजन

Published at :29 Dec 2015 6:48 PM (IST)
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घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता को लेकर कार्यशाला का आयोजन

घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता को लेकर कार्यशाला का आयोजन फोटो : 7(कार्यशाला में भाग लेती महिला हेल्प लाइन के सदस्य व अन्य)प्रतिनिधि, जमुई महिला हेल्प लाइन की ओर से घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता को लेकर स्थानीय राज्य संपोषित प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय के प्रांगण में प्रधानाध्यापक शशिशेखर प्रसाद की अध्यक्षता में कार्यशाला […]

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घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता को लेकर कार्यशाला का आयोजन फोटो : 7(कार्यशाला में भाग लेती महिला हेल्प लाइन के सदस्य व अन्य)प्रतिनिधि, जमुई महिला हेल्प लाइन की ओर से घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता को लेकर स्थानीय राज्य संपोषित प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय के प्रांगण में प्रधानाध्यापक शशिशेखर प्रसाद की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया. मौके पर उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक श्री भगत ने कहा कि घरेलू हिंसा को शारीरिक हिंसा, लैंगिक हिंसा, मौखिक व भवनात्मक दुर्व्यवहार, आर्थिक बल प्रयोग, दहेज संबंधी उत्पीड़न समेत पांच हिस्सों में बांटा गया है. उन्होंने बताया कि महिलाओं के साथ मारपीट करना और उन्हें किसी भी तरीके से शारीरिक तकलीफ देना शारीरिक हिंसा की श्रेणी में आता है. जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाना या अश्लील साहित्य व तस्वीरों को देखने के लिए मजबूर करना लैंगिक हिंसा के श्रेणी में आता है. वहीं चरित्र या आचरण पर दोषा रोपन करना,दहेज को लेकर अपमानित करना, नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर करना तथा लड़की को इच्छा के खिलाफ शादी करने के लिए मजबूर करना मौखिक व भवनात्मक हिंसा के श्रेणी में आता है. महिला हेल्प लाइन की परियोजना प्रबंधक निभा कुमारी ने बताया कि महिला या महिला की संतान को भरण-पोषण के लिए मौलिक चीजें मुहैया ना करना या रोजगार करने से रोकना अथवा दहेज की मांग कर प्रताड़ित करना भी घरेलू हिंसा के दायरे में आता है. घरेलू हिंसा की शिकायत हेल्प लाइन में करें. उन्होंने बतायी कि किसी भी घरेलू हिंसा से संबंधित घटना की लिखित जानकारी अथवा टेलीफोन या ई-मेल के जरीए महिला हेल्प लाइन को दें और हेल्प लाइन के द्वारा उस घटना में हर हाल में समुचित कार्रवाई की जायेगी. राज्य के 36 जिलों में महिला हेल्प लाइन स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही है. किसी भी घटना को दबाना ही उसे बढ़ावा देने में अहम योगदान देता है. इसलिए लड़कियां या महिलाओं को अपने साथ हो रहे घरेलू हिंसा के किसी भी मामले को दबाये नहीं, बल्कि सीधे हेल्प लाइन पहुंच कर शिकायत करें. इस अवसर पर रीता कुमारी, अधिवक्ता नवल किशोर साह, अमित कुमार, निरंजन कुमार के अलावे शिक्षिका स्नेहलता कुमारी, चंदन गुप्ता आदि मौजूद थे.

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