हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर रसुलपुर की बदहाली, ताले में बंद है दवाइयां और शुद्ध पेयजल

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हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर रसुलपुर की बदहाली, ताले में बंद है दवाइयां और शुद्ध पेयजल

रसूलपुर हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर

सूर्यगढ़ा के रसुलपुर स्थित हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बेपटरी हैं, जहां सीएचओ की अनुपस्थिति और कमरों में ताला बंद होने के कारण मरीजों को दवाओं और पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है. स्वास्थ्य विभाग की इस उदासीनता ने सरकार के बेहतर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खोलकर रख दी है.

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सूर्यगढ़ा (लखीसराय) से राजेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट: प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इन दावों की पोल खुलती नजर आ रही है. सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में बदलकर वहां सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) की तैनाती तो की है, लेकिन धरातल पर व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी है.

ड्यूटी से गायब मिलीं सीएचओ, कमरे में लटका था ताला

शनिवार सुबह 10 बजे ‘प्रभात पड़ताल’ के दौरान रसुलपुर स्थित हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में भारी अव्यवस्था देखने को मिली. केंद्र खुला तो था, लेकिन वहां तैनात सीएचओ आरती कुमारी नदारद थीं. मौके पर मौजूद एएनएम प्रमिला कुमारी और मालती कुमारी ने बताया कि सीएचओ सप्ताह में दो दिन (गुरुवार और शनिवार) पुनाडीह सेंटर की जिम्मेदारी संभालती हैं. इस दोहरी व्यवस्था के कारण स्थानीय मरीजों को उचित परामर्श नहीं मिल पा रहा है.

दवाओं की सूची तक नहीं, मोटर के पानी पर निर्भर कर्मी

सेंटर की बदहाली का आलम यह है कि सीएचओ के कमरे में ताला बंद होने के कारण वहां उपलब्ध महत्वपूर्ण दवाइयों तक किसी की पहुंच नहीं है. एएनएम ने बताया कि उनके पास दवाओं की कोई सूची उपलब्ध नहीं है और बाहर रखी गिनी-चुनी दवाओं से ही काम चलाना पड़ रहा है. हद तो यह है कि विभाग ने शुद्ध पेयजल के लिए सीएचओ के कमरे में आरओ (RO) सिस्टम लगवाया है, लेकिन कमरे में ताला बंद रहने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों को पीने के पानी के लिए सीधे मोटर चलाकर असुरक्षित पानी लेने को मजबूर होना पड़ रहा है.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने दी सफाई

इस संबंध में सूर्यगढ़ा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वाई. के. दिवाकर ने स्वीकार किया कि सीएचओ की कमी के कारण एक अधिकारी को एक से अधिक केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे परेशानी हो रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि रसुलपुर सेंटर की कमियों की जांच की जाएगी और व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा. फिलहाल, इस अव्यवस्था के कारण आसपास के ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है.

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दिव्यांशु प्रशांत

लेखक के बारे में

By दिव्यांशु प्रशांत

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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