पुरातात्विक पहचान होने के बावजूद लखीसराय उपेक्षा का शिकार: डॉ अनिल

Published at :28 Dec 2015 7:49 PM (IST)
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पुरातात्विक पहचान होने के बावजूद लखीसराय उपेक्षा का शिकार: डॉ अनिल

पुरातात्विक पहचान होने के बावजूद लखीसराय उपेक्षा का शिकार: डॉ अनिल लखीसराय: ऐतिहासिक लखीसराय की पुरातात्विक पहचान बुद्ध से जुड़े होने के बाद भी राज्य सरकार व प्रशासन की ओर से इसकी उपेक्षा हो रही है. जबकि नालंदा विश्वविद्यालय के कारण नालंदा व विक्रमशिला विश्वविद्यालय के कारण भागलपुर का विकास हो रहा है. उक्त बाते […]

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पुरातात्विक पहचान होने के बावजूद लखीसराय उपेक्षा का शिकार: डॉ अनिल लखीसराय: ऐतिहासिक लखीसराय की पुरातात्विक पहचान बुद्ध से जुड़े होने के बाद भी राज्य सरकार व प्रशासन की ओर से इसकी उपेक्षा हो रही है. जबकि नालंदा विश्वविद्यालय के कारण नालंदा व विक्रमशिला विश्वविद्यालय के कारण भागलपुर का विकास हो रहा है. उक्त बाते केंद्रीय विश्वविद्यालय शांतिनिकेतन के इतिहास एवं पुरातत्व के प्राधापक प्रो डॉ अनिल कुमार ने कही. उन्होंने कहा कि आधुनिक काल में इस क्षेत्र का पुरातात्विक सर्वेक्षण सर्व प्रथम ब्रिटिश पदाधिकारी सर एलेक्जेंडर कनिंधम ने 1870-71 में किया था. उस क्रम में उन्होंने तीन जगहों पर अशोक धाम, जय नगर पहाड़ी व वृंदावन में खुदायी करायी थी. अशोक धाम में शिवलिंग , जयनगर में बाजार एवं वृंदावन में बुद्ध का स्तूप मिला था. इसके साथ ही सोने के बक्से में बुद्ध की राख मिली थी. कनिंधम ने पूरे हिन्दुस्तान में चीन यात्री व्हेनसंग जहां-जहां गये वहीं जाकर खोज की और उन्हीं के रिर्पोट के आधार पर उन्होंने नेरनो इन निलो नामक जगह के बारे में जानकारी दी थी. उस जगह की पहचान लखीसराय के रूप में की गयी. व्हेनसंग ने अपनी यात्रा वृृतांत में लिखा है कि राजा अशोक ने नेलो इन निलो में बुद्ध का स्तूप बनवाया था, जो कनिंधम को यही खोज में मिला. बौद्ध ग्रंथ अंगेतर निकाय एवं माल बग्गी एवं जातक में कहा गया है कि बुद्ध ने तीन वर्षावास ग्यारवीं, तेरहवीं और उन्नीसवीं में क्रीमी कालतट जो वर्तमान में किउल नदी है. तट पर अवस्थित चालीय पर्वत वर्तमान में घोसी पहाड़ पर तीन वर्षावास किया था. एवं उसी के ईद-गिर्द वेलू वन बांस के वन में जो प्रवचन दिया, उसका संकलन बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ त्रिपीटक के एक पीटक अभिधमपीटक के दो अध्याय क्रिमीला एवं क्रिमीला सुत में वर्णित है.प्रो डॉ अनिल कुमार ने बताया कि फिलहाल बाजार समिति में गोदाम निर्माण के दौरान खुदाई में तांबे के पूरे मध्यकालीन सिक्के प्राप्त हुए हैं. इसमें अलाउद्दीन खिल्जी, मुगल शासक साह आलम द्वितीय के अतिरिक्त मराठा शासक बाजी राव सिंदे का भी सिक्का मिला है. ये सिक्का वर्तमान में विनोद राम के पास है, जिसका मैंने तस्वीर ली है. उन्होंने बताया कि दुर्भाग्य है कि लखीसराय का संग्रहालय जमुई में अवस्थित है, जिसमें 19 मूर्तियां रखी हैं. उक्त संग्रहालय का वेतन मकान भाड़ा यहीं के कोषागार से दिया जाता है. सरकारी उपेक्षा एवं उचित संरक्षण के अभाव में अरबों की मूर्तियां चोरी चली गयी और शेष जीर्ण-शीर्ण पड़ी हैं.उद्घाटन मैच में हुसैना ने मेदनीचौकी का हरायाफोटो संख्या मेदनीचौकी. स्थानीय किरणपुर खेल मैदान में किरणपुर स्पोर्टिंग क्लब किरणपुर के द्वारा आयोजित किरण ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन पूर्व जिला पाषर्द मनोज कुमार, दंत चिकित्सक डॉ उदयशंकर, फ्यूचर प्वाइंट के संचालक अमरजीत ने किया. उद्घाटन मैच एनसीसी मेदनीचौकी व एचसीसी हुसैना के बीच खेला गया. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हुसैना की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 155 रन बनाये. इसमें रूपेश ने 54 तथा रॉकी के 39 रन बनाये. मेदनीचौकी टीम के गेंदबाज राकेश ने तीन, गुड्डू व संतोष ने दो-दो विकेट लिये. बल्लेबाजी करते हुए मेदनीचौकी टीम 19.4 ओवर में 137 रन पर सिमट गयी. इसमें नीतीश ने सर्वाधिक 30 बनाये. हुसैना के गेंदबाज रॉकी ने तीन, राकेश, प्रसाद व रिकी ने दो-दो विकेट लिये. रूपेश को मैन आफ द मैच घोषित किया गया. छात्र ने की आत्महत्यालखीसराय: बीकॉम पार्ट 2 के प्रकाशित परीक्षाफल में कम अंक आने को लेकर 23 वर्षीय कुंदन कुमार ने सोमवार को फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. प्राप्त जानकारी के अनुसार कवैया रोड वार्ड 25 निवासी विरेंद्र साव के पुत्र कुंदन कुमार को बीकॉम पार्ट 2 में कम अंक प्राप्त हुआ, जिससे वह परेशान था. दोपहर बाद जब परिजन छत पर धूप सेक रहे थे. इसी दौरान कुंदन ने कमरा बंद कर फांसी लगा आत्महत्या कर ली. परिजन छत से नीचे उतरे और कमरा नहीं खुला तो उन्होंने कुंदन का कमरे का दरवाजा तोड़ दिया. कमरें में कुंदन का शव फांसी पर लटका हुआ था. घटना से घर में कोहराम मच गया. कवैया पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. बाल-बाल बचे खुटूपार मुखिया सड़क हादसे में बोलोरो क्षतिग्रस्तफोटो संख्या मेदनीचौकी. मेदनीचौकी थाना के समीप सोमवार को सूर्यगढ़ा से मुंगेर की ओर जा रही बोलेरो बीआर 53ए 2492 दस वर्षीय बालक को बचाने के क्रम में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी. वाहन चला रहे चानन थाना के खुटूपार पंचायत के मुखिया रंजन कुमार ने बताया कि बालक एनएच 80 पर दौड़ गया. उसे बचाने के क्रम में बोलेरो किनारे रखे गिट्टी पर चढ़ कर पलट गयी. वाहन में सवार तीनों लोग बाल-बाल बच गये.

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