खरगे के आवास पर हुई माथापच्ची, कौन होगा केरल का अगला मुख्यमंत्री?
केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? बैठक के लिए खरगे के आवास पर पहुंचे राहुल गांधी
CM of Kerala : केरल के अगले मुख्यमंत्री की दौड़ में वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे ऊपर है. इस दौड़ के विजेता का चयन करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर महत्वपूर्ण बैठक हुई.
CM of Kerala : केरल में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर सस्पेंस अभी कायम है. वीडी सतीशन के पक्ष में जिस तरह से कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख नेताओं के साथ चर्चा की.
बैठक में केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन भी हुए शामिल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास 10 राजाजी मार्ग पर हुई बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और वी डी सतीशन शामिल हुए. बैठक में कांग्रेस के दोनों पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक तथा प्रदेश प्रभारी दीपा दासमुंशी भी मौजूद रहे.केरल में कांग्रेस विधायक दल के नेता के चयन के लिए केरल के अपने विधायकों की राय लेने के बाद पार्टी के दोनों पर्यवेक्षकों माकन और वासनिक ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपी थी.
वीडी सतीशन, चेन्निथला और वेणुगोपाल हैं प्रमुख दावेदार
केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए प्रदेश में तीन प्रमुख दावेदार हैं. इनके नाम हैं- वीडी सतीशन, चेन्निथला और कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल. केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ ने शानदार जीत दर्ज की है और 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. पार्टी की जीत के बाद राज्य के अगले मुख्यमंत्री के चयन पर विचार जानने के लिए कांग्रेस के पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन ने बृहस्पतिवार को पार्टी विधायकों तथा गठबंधन सहयोगियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में पार्टी की परंपरा के अनुसार एक लाइन का प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस आलाकमान को विधायक दल के नेता के चयन के लिए अधिकृत किया गया था.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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