12% पर होम लोन, वसूला 16.5 फीसदी ब्याज, अब सिटी बैंक को लौटाने होंगे 15 लाख रुपये

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होम लोन, सांकेतिक तस्वीर, आई

होम लोन की ब्याज दर में एकतरफा बढ़ोतरी सिटी बैंक को महंगी पड़ गई. दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बैंक को ग्राहक से वसूली गई अतिरिक्त रकम ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया है. आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा मानते हुए मुआवजा तय किया.

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दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सिटी बैंक को एक होम लोन ग्राहक से अनुचित तरीके से वसूले गये 12,91,248 रुपये लौटाने का आदेश दिया है. आयोग ने पाया कि बैंक ने तय 12 प्रतिशत की जगह 16.5 प्रतिशत प्रति वर्ष तक की दर से ब्याज वसूला. इसके साथ ही बैंक ग्राहक को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ‘बेस रेट’ परिपत्र के बारे में सूचित करने में भी विफल रहा, जिससे महिला ग्राहक कम ब्याज दर प्रणाली का लाभ लेने से वंचित रह गयी.

आयोग ने बैंक को अतिरिक्त ब्याज की पूरी रकम जून 2017 से 6% ब्याज के साथ लौटाने का निर्देश दिया है. इसके अलावा एक लाख रुपये मानसिक उत्पीड़न के मुआवजे और 50,000 रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने होंगे, पांच अक्टूबर 2026 तक भुगतान न करने पर ब्याज दर बढ़कर 9% हो जाएगी. पूरी रकम तकरीबन 15 लाख हो जायेगी.

सिटी बैंक ने क्या रखा तर्क

मामले के रिकॉर्ड के अनुसार सिटी बैंक मुख्य निष्कर्षों पर कोई सफल खंडन प्रस्तुत नहीं कर सका. आयोग ने ग्राहक को आरबीआई परिपत्र की जानकारी न देने को बैंक की विफलता माना और अत्यधिक ब्याज वसूलने का कोई वैध औचित्य नहीं पाया.

आयोग ने क्या कहा : आयोग ने कहा कि ग्राहक की सहमति के बिना ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना और आरबीआई के नए दिशानिर्देशों का विकल्प न देना सेवा में गंभीर कमी तथा अनुचित व्यापार प्रथा है.

ग्राहक की स्वीकृति के बिना एकतरफा वृद्धि अवैध

हाई कोर्ट और उपभोक्ता मंचों के मिसालों का हवाला देते हुए आयोग ने माना कि मौजूदा होम लोन पर ब्याज दरें बढ़ाने के लिए उधारकर्ता की सहमति अनिवार्य है. बिना सहमति के एकतरफा वृद्धि पूरी तरह गैर-कानूनी है.

ग्राहक से उम्मीद नहीं कर सकते कि वह आरबीआई के नियम जाने- आयोग

आयोग ने केरल राज्य आयोग के फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि किसी आम उपभोक्ता से आरबीआई के जटिल नियमों की जानकारी रखने की अपेक्षा नहीं की जा सकती. यह बैंक का कर्तव्य है कि वह ग्राहक को नियामक बदलावों की जानकारी दे.


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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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