ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बदहाल

Updated at :15 Nov 2015 6:43 PM
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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बदहाल

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बदहाल फोटो 8(भूत बंगला बना प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र)चंद्रमंडीह. प्रखंड विभिन्न ईलाकों में स्थित प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों खुद बीमार हैं. इन स्वास्थ्य उप केंद्रों का कोई भी लाभ संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है़ चकाई प्रखंड में कुल पच्चीस प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण मरिजों […]

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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बदहाल फोटो 8(भूत बंगला बना प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र)चंद्रमंडीह. प्रखंड विभिन्न ईलाकों में स्थित प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों खुद बीमार हैं. इन स्वास्थ्य उप केंद्रों का कोई भी लाभ संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है़ चकाई प्रखंड में कुल पच्चीस प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण मरिजों की सेवा में लगे हैं. कमोवेश उक्त सभी स्वास्थ्य उप केंद्र खुद सर्वागीण इलाज की जरुरत महसूस करते नजर आते हैं. स्वास्थ्य सेवाएं ग्रास रूट तक पहुंचे इसके लिए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रयासरत है तो दूसरी ओर केंद्र सरकार का व्यापक प्रोग्राम राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम भी लागू है़ बाबजूद इसके राज्य और केंद्र दोनों ही सरकारों की उक्त कवायदों व संकल्प का असर गांवों में दिखना अभी शायद बांकी है़ स्थानीय रेफरल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ रमेश प्रसाद भी संसाधनों की कमी के कारण स्वास्थ्य उप केंद्र के उद्देश्यपरक नहीं हो पाने की हकीकत को साफगोई से स्वीकारते हैं. आलम यह है कि अधिकांश स्थानों पर उक्त उप स्वास्थ्य केंद्र या तो जीर्ण- शीर्ण पुराने जर्जर भवनों में ही चल रहें हैं या फिर कहीं भवन बने भी हैं तो वे ठेकेदारों द्वारा विभाग को अबतक हैंडओवर नहीं हो पाये हैं. प्रखंड के गजही पंचायत के प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र भी तकरीबन इसी तरह के सूरते हाल का गवाह बना हैं़ यहां पर जर्जर भवन में ही मरिजों का ईलाज किया जाता है जो कभी भी बड़ी हादसा होने की प्रबल संभावना होने की आशंका बनी रहती है़ ग्रामीण सुदीप चौधरी, मोनु यादव, सुधीर यादव, रंधीर सिंह आदि बतातें हैं कि उक्त केंद्र के ताले सप्ताह में शायद ही कभी एकाध दिन खुले दिखे हैं. और खुलने के बावजूद टीकाकरण छोड़ अन्य किसी भी प्रकार का इलाज अथवा दवाएं वहां नसीब होती. बुधवार को टीकाकरण के उद्देशय से वहां पहुंची एक एएनएम तो उस ताले को भी खोलने के लिए घंटो तक जूझती मिली़ डा. रमेश प्रसाद बतातें हैं कि संबंधित क्षेत्र में पदस्थापित एएनएम को बुधवार व शुक्रवार को इलाके की आंगनबाडि़यों से जूड़े पोषक क्षेत्र में जाकर नियमित टीकाकरण एवं महिलाओं के प्रसव पूर्व स्थिति की जांच व उन्हें आयरन की गोली आदि देने का काम सौंपा हुआ है़ इसके बाबजूद सोमवार एंव शनिवार को पदस्थापित एएनएम को उपकेंद्र पर मौजूद रहकर वहां प्रसव पूर्व जांच से लेकर सर्दी-जुकाम आदि सामान्य रोगों वाले रोगियों को दवाएं सुलभ करानी है़ इस बाबत चिकित्सा पदाधिकारी रमेश प्रसाद से पूछे जाने पर बताया कि दवाओं व चिकित्साकर्मियों आदि तमाम संसाधनों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य उपकेंद्रों को नियमित रूप में चलाना संभव नहीं हो पा रहा है़ फिर भी गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जाती है़

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