आदिवासी समाज के लोग आज भी दयनीय स्थिति में कर रहें हैं गुजर-बसर

Updated at :14 Nov 2015 6:44 PM
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आदिवासी समाज के लोग आज भी दयनीय स्थिति में कर रहें हैं गुजर-बसर

आदिवासी समाज के लोग आज भी दयनीय स्थिति में कर रहें हैं गुजर-बसर फोटो: 7(अपनी दशा और दिशा को बताती आदिवासी महिला)चंद्रमंडीह . चकाई प्रखंड के जंगलों और पहाड़ी भागों में बसे अनुसूचित जनजाति समाज के लोग आज भी आदिम युग में जीने को विवश हैं. सरकार के लाख दावा के बाबजूद भी आदिवासी क्षेत्र […]

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आदिवासी समाज के लोग आज भी दयनीय स्थिति में कर रहें हैं गुजर-बसर फोटो: 7(अपनी दशा और दिशा को बताती आदिवासी महिला)चंद्रमंडीह . चकाई प्रखंड के जंगलों और पहाड़ी भागों में बसे अनुसूचित जनजाति समाज के लोग आज भी आदिम युग में जीने को विवश हैं. सरकार के लाख दावा के बाबजूद भी आदिवासी क्षेत्र में विकास की रौशनी पहुंचती नहीं प्रतीत हो रहा है. इस समाज की आर्थिक स्थिति आज भी दयनीय है़ बताते चलें कि चकाई प्रखंड क्षेत्र के ठाढ़ी, बामदह, रामसिंहडीह, चौफला, पौझा, बोंगी, बरमोरिया आदि पंचायतों में आदिवासियों की बड़ी आबादी बसा हुआ है़ इस समाज के लोग मुख्यत: सूअर,गाय,भैंस, बकरी,मुर्गी पालन कर तथा लड़की काट कर ही अपना जीवन-बसर किया करते हैं. सरकार इस समाज के लोगों के उत्थान को लेकर तरह-तरह की कल्याणकारी योजना चला रही है. लेकिन अशिक्षित होने के कारण वे अपने अधिकार को नहीं समझ पाते हैं और लाभकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं. जिसका दूरगामी परिणाम उनके बच्चों पर पड़ता रहा है़ इस समाज की महिला अशिक्षित होने के कारण दिनभर कड़ी मेहनत कर लकड़ी, पत्तल लाती है तथा दूसरे शहरों में जाकर बेचती है़ इस दौरान उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है़ लेकिन पेट की आग बुझाने के लिए उन्हें सबकुछ सहना पड़ता है़ जंगलों के में बसे होने के कारण आये दिन कभी नक्सली तो कभी अपराधियों की कठपुतली बनना पड़ता है़ उनके लिए विकास आज भी कोई मायने नहीं रखता है़ इस बाबत पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताते हैं कि इस समाज में जागृति लाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाये जा रहे है़ बैंक द्वारा समुह बनाकर खास कर महिलाओं को ऋण दिया जा रहा है. जिससे महिला आत्मनिर्भर बन सकती हैं. इसके अलावे पंचायती राज द्वारा भी कई योजनाएं चलाई जा रही है़ प् रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया इस समाज के लोगों जागरुक करने को लेकर जागृति अभियान चलाया जायेगा.

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